फरिहां पहुंचे हैदराबाद से आ रहे गोरखपुर के मजदूर।
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आजमगढ़/फरिहां। देश के विभिन्न हिस्सों से पैदल अभी मजदूरों और कामगारों का अपने घरों की ओर लौटना जारी है। कोई 20 तो कोई 15 दिन से सफर पर है। मन में बस एक ही उम्मीद है बस घर पहुंचना। कभी पैदल तो कभी किसी वाहन में ये लोग चल रहे हैं। जनपद में भी प्रति दिन 25 से 50 लोग ऐसे आ रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां भी बढ़ी हुई है। इनका दर्द देखकर पुलिस की ओर से इन्हें रोका नहीं जा रहा है। ये सीधे अपने घरों को पहुंच रहे हैं। ऐसे में यदि कोई संक्रमित हुआ तो दिक्कत बढ़ सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की पूरी कार्यवाही अब प्रधान और गांव के जागरूक लोगों पर टिकी है। अगर सूचना मिली तो स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंच कर फॉलोअप कर रही है।
हैदराबाद से पैदल चलकर गोरखपुर जा रहे लगभग दो दर्जन से ऊपर मजदूर भूख प्यास से तड़पते हुए 13 दिन बाद फरिहां बाजार पहुचे। सभी गोरखपुर के थाना खजनी के रहने वाले थे। हैदराबाद और तेलंगाना में फर्नीचर का कार्य करते थे। मालिक ने खाने की व्यवस्था नहीं की तो मजदूरों ने तय किया कि पैदल ही चलकर घर पहुंचा जाएगा। तेरह दिनों में फरिहां बाजार पहुचे। क्षेत्र के समाजसेवी मोहम्मद ताहिर ने खाने पीने की व्यवस्था की। सोनभद्र से आ रहे बालू लदे एक ट्रक से इन लोगों को गोरखपुर भेजा गया।