आजमगढ़। रोजगार के लिए अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम से ऋण लेकर चुकता न करने वाले टॉप 50 की सूची विभाग ने तैयार किया है। इसे निदेशालय को भेज दिया गया है। इन पर ऋण का 1.83 करोड़ रुपये बकाया है लेकिन यह जमा नहीं कर रहे हैं। अब विभाग इनसे सख्ती के साथ वसूली करेगा।
वर्ष 1995 में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम ने टर्म लोन योजना शुरू की थी। इसके तहत अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को रोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराना था। योजना के तहत रोजगार के लिए 495 लोगों ने 2.13 करोड़ रुपये ऋण लिया। समय से ऋण जमा न होने के कारण मूलधन सहित ब्याज बढ़कर 7.67 करोड़ 89 हजार हो गया। हालांकि विभाग की सख्ती के बाद लगभग 100 लोगों ने ऋण के 1.59 करोड़ 10 हजार रुपये जमा किए लेकिन अन्य लोगों ने ऋण लेकर उसे चुकाना ही भूल गए। 395 लोग ऐसे हैं जिन पर 6.08 करोड़ 79 हजार रुपये बकाया है। अल्पसंख्यक विभाग ने इनको दो बार नोटिस भेजा लेकिन यह बकाया ऋण जमा नहीं कर रहे हैं। निगम के प्रबंध निदेशक के आदेश पर कुछ माह पूर्व ऋण जमा न करने वाले टॉप 10 बकायेदारों की सूची विभाग ने तैयार की थी। इन पर ऋण का 64.81 लाख रुपये बकाया है। इनसे बकाए की वसूली चल रही है। इसके बाद निदेशालय ने अल्पसंख्यक विभाग को ढाई लाख से ऊपर और साढ़े आठ लाख के नीचे के टॉप 50 बकाएदारों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। विभाग की तरफ से टॉप 50 की सूची निदेशालय को भेज दी गई है। इन पर ऋण का 1.83 करोड़ 5669 रुपये बकाया है।
सात पर सर्वाधिक बकाया, नहीं मिले तो गारंटरों से होगी वसूली
टर्म लोन योजना के तहत ऋण लेने वाले सात लोग ऐसे हैं जिन पर सबसे अधिक बकाया है। इनमें से दो लोगों पर आठ-आठ लाख और दो लोगों पर सात- सात लाख रुपये से अधिक बकाया है। वहीं, तीन कर्जदारों पर पांच-पांच लाख से अधिक ऋण बकाया चल रहा है। इन बड़े बकाएदारों से सख्ती से वसूली की जाएगी। अगर यह नहीं मिलेंगे तो इनके गारंटरों से वसूली होगी।
टर्म लोन योजना के तहत ऋण लेकर जमा न करने वाले टॉप 50 की निदेशालय के निर्देश पर सूची तैयार कर भेज दी गई है। इन पर ऋण का 1.83 करोड़ रुपये बकाया है। बकायेदारों से ऋण की वसूली की जा रही है। अब तक 1.59 करोड़ से अधिक की वसूली हुई है। जो ऋणी नहीं मिलेंगे तो उनके गारंटरों से ऋण की वसूली होगी।-वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी