जिलाधिकारी सुहास एलवाई द्वारा सोमवार को जिला अस्पताल में फाइलेरिया दिवस का शुभारंभ किया गया। उन्होंने लोगों से फाइलेरिया की दवा का सेवन करने की अपील की और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
भीड़ को कंट्रोल करने के लिए उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. वीआर सिंह को टोकन व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया के लक्षणों में मरीज को जाड़ा लगकर तेज बुखार आना, हाथ पैर की नसों का फूलना, दर्द का होना और जांघ में गिलटियां उभर आना, हाथ पैर, अंडकोष, स्तन, गुप्तांग आदि में सूजन हो जाना है। इसके साथ ही पेशाब में सफेदी आ जाती है।
कहा इसके मच्छर घरों के आस पास नालियों, गड्ढों एवं घर के अंदर रुके हुए पानी में पनपते हैं। बचाव के लिए जरूरी है कि मच्छरदानी का प्रयोग किया जा। कहा कि जनपद में फाइलेरिया की दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
बाद में डीएम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण भी किया गया। उन्होंने सीएमएस डा. वीआर सिंह को अस्पताल में भीड़ कंट्रोल करने के लिए टोकन सिस्टम अपनाने को कहा। वार्ड ब्वाय यूनिफार्म में टोकन देंगे।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीबी सिंह, डा. शौकत अली, उप निदेशक भारत सरकार, सतीश कुमार पाठक, राम नरायन जिला मलेरिया अधिकारी आदि उपस्थित थे।