हिमाचल में हुई बर्फबारी का असर सोमवार को जनपद में भी महसूस किया गया। सुबह कोहरे के बाद निकली धूप से मौसम सामान्य था लेकिन दोपहर बाद एकाएक तेज पछुआ हवा चलने लगी और बदली छा गया। सर्द हवाओं के चलने से गलन बढ़ गई और लोग ठिठुरते नजर आए।
जिलाधिकारी ने नर्सरी से आठवीं तक के सभी सरकारी व गैरसरकारी विद्यालयों को 27 और 28 दिसंबर को बंद करने का निर्देश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन तिथियों में यदि कोई विद्यालय खुला मिला तो कार्रवाई की जाएगी। उधर, बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार यादव ने जिले के नर्सरी से लेकर आठ तक के सभी विद्यालयों को 27 और 28 दिसंबर को बंद करने का निर्देश दिया है।
सोमवार की सुबह रोज की तरह मौसम सामान्य था। सुबह के समय कोहरा नहीं था लेकिन धीरे-धीरे कोहरा बढ़ता गया। सात बजे के बाद कोहरे ने पूरे जनपद को अपने आगोश में ले लिया। सुबह 10 बजे के करीब कोहरा छंटा और सूर्य की किरणें धरती पर पहुंची। सूर्य निकलने में मौसम रोज की तरह सामान्य नजर आया। इसलिए बहुत से लोग हाफ स्वेटर और जैकेट पहनकर ही घर से निकल गए लेकिन दोपहर बाद लगभग एक बजे अचानक सर्द हवाएं चलने लगीं। यह हवाएं धीरे-धीरे तेज हो गई।
सूर्य भी लगभग डेढ़ बजे बादलों की ओट में छिप गया। इसके बाद सर्द हवाओं से गलन काफी बढ़ गई। बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकले लोग ठिठुरते हुए देखे गए। हर कोई अपने काम निपटाकर घर पहुंचने की जल्दी में दिखा। शाम होते-होते गलन इतनी बढ़ गई। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर शरीर को गर्म करते हुए देखे गए। सब लोग जल्दी से भोजन कर बिस्तरों में पहुंच गए। सगड़ी संवाददाता के अनुसार, तहसील क्षेत्र में सोमवार को दोपहर ढाई बजे से मौसम में आए अचानक बदलाव से ठंड बढ़ गई है।
बर्फीली हवाओं से लोगों को दुश्वारियां हो रही है। वहीं दिन में ही लोग वाहनों की लाइट जलाकर चल रहे हैं। फरिहां संवाददाता के अनुसार सोमवार को सुबह दस बजे के बाद खुशगवार हुआ था लेकिन दोपहर बाद मौसम ने यू-टर्न ले लिय। शाम होते ही निजामाबाद क्षेत्र कोहरे की आगोश में लिपट गया। निजामाबाद-रानी की सराय बाईपास पर शाम पांच बजे हालत यह थी कि वाहन चालक को गाड़ी की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा था।