पंचायत चुनाव मतगणना के दौरान रविवार को पूरे जिले में गहमागहमी रही। निजामाबाद थाने के बीनापारा इंटर कालेज में सुबह मतगणना के बाहर समर्थकों के उपद्रव को शांत कराने के लिए पुलिस को लाठी भांजनी पड़ी। वहीं, रात को भी पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके जाने से अफरातफरी मच गई। पुलिस ने लोगों पर लाठियां भांजकर मामला शांत कराया।
निजामाबाद संवाददाता के अनुसार, इंटर कालेज बीनापारा में कुछ लोगों ने बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंक दिए। पत्थर एक चौकीदार, दो सीआईएसएफ के जवान और एक पुलिसकर्मी को जा लगी। पुलिसकर्मी भागकर केंद्र के भीतर पहुंचे। हंगामा होने की सूचना पर गणना प्रभारी के रुप में मौजूद तहसीलदार निजामाबाद रत्नेश तिवारी भारी भरकम फोर्स लेकर गेट से बाहर निकले।
पुलिस वाले गेट पर मौजूद लोगों पर लाठियाना शुरू तो वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान करीब पंद्रह मिनट तक मतगणना का काम भी प्रभावित रहा। रात करीब नौ बजे एडीएम वित्त एवं राजस्व वृजेश कुमार, एएसपी नगर विनोद कुमार, सीओ आदि भारी भरकम फोर्स लेकर पहुंचे तब जाकर मामला शांत हो गया।
बता दें कि यहां पर पुलिस और पब्लिक के बीच सुबह से ही हुई नोकझोंक चल रही थी। रात साढ़े आठ बजे मामला गंभीर हो गया और लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंक दिए। तहसीलदार निजामाबाद ने बताया कि चुनाव हारने वालों के समर्थकों ने जानबूझ कर पत्थर फेंके थे। आरोपियों की पहचान केंद्र पर लगे वीडियो कैमरों में कैद हुई तस्वीर के जरिए की जा रही है। मामला बिलकुल शांत है।
वैसे तो पंचायत चुनाव में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी रही मगर महराजगंज ब्लाक के कप्तानगंज वार्ड से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव और जेल में बंद अपराधी अमरजीत यादव के आमने-सामने होने से यहां के परिणाम को लोगों को लोगों में काफी उत्सुकता रही।
अमरजीत की मदद सपा के कुछ कद्दावर लोग पर्दे के पीछे कर रहे थे। पल्हनी ब्लाक के हाफीजपुर वार्ड से मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव के भतीजे प्रमोद यादव, ठेकमा जिला पंचायत वार्ड से भूपेंद्र सिंह मुन्ना की पत्नी संध्या और शाहजमा की पत्नी शीबा खान के मैदान और मतदान से पूर्व संध्या और शीबा के समर्थकों में हुई गोलीबारी की घटना से यहां का माहौल गरम रहा।
ठेकमा संवाददाता के अनुसार तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए दोपहर को डीएम सुहास एलवाई, एसपी राकेश चंद्र साहू के बाद मंडलायुक्त आरपी गोस्वामी और डीआईजी रतन कुमार श्रीवास्तव भी जायजा लेने पहुंचे। इन क्षेत्रों में सुरक्षा के तगड़े बंदोबस्त रहे। उधर, निजामाबाद संवाददाता के अनुसार, मिर्जापुर ब्लाक की मतगणना के लिए बीनापारा इंटर कालेज में व्यवस्था की गई थी।
यहां प्रत्याशियों के समर्थकों को शांत कराने के लिए सुबह करीब दस बजे पुलिस को लाठी भांजनी पड़ी। पुलिस की लाठी से चुटहिल हुए लोग और उनके साथ आए लोगों में पुलिस के प्रति खौफ दिखा। उधर, कटानी बाजार संवाददाता के अनुसार, महराजगंज में प्रधान सिंहासन यादव की हत्या के बाद थाना फूंके जाने की घटना से सतर्क प्रशासन सख्त रहा।
बैरिकेडिंग और अधिक फोर्स लगाए जाने से लोग गणना केंद्र से काफी दूर नजर आए। पल्हनी ब्लाक की मतगणना के लिए एसपी दफ्तर से सटे जीजीआईजी में व्यवस्था किए जाने पर एसपी दफ्तर, विकास भवन, कुंवर सिंह उद्योग में समर्थकों की भीड़ डटी रही। इन्हें काबू में करने के लिए पुलिस को बीच-बीच में लाठी पटकनी पड़ रही थी।