केंद्र सरकार स्वच्छता को लेकर तमाम योजनाओं का संचालन कर रही है। शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक शौचालयों का निर्माण घर-घर व सार्वजनिक स्थलों पर कराया जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी लोग खुले में शौच कर रहे है। इसके पीछे जिम्मेदार नगरीय निकाय प्रशासन है। शहर के सीताराम वार्ड में कहने को तो तीन-तीन सार्वजनिक शौचालय बनाए गए है। लेकिन वर्तमान में तीनों ही बंद पड़े है। एक को दो-चार दिनों में चालू करा देने का नगर पालिका प्रशासन दावा जरूर कर रहा है।
नगर पालिका परिषद आजमगढ़ क्षेत्र में शौचालय के नाम पर काफी धनराशि आयी है। इसके बाद भी नपा द्वारा बनवाए गए सार्वजनिक शौचालय या तो आधे-अधूरे पड़े है अथवा बनने के बाद भी विभिन्न कारणों से बंद है। जिसके चलते लोगों को खुले में शौच करना पड़ रहा है। मामला नपा के वार्ड सीताराम का है। इस वार्ड की सीमा भी बड़ी है। जिसके चलते वार्ड में नपा प्रशासन ने तीन स्थानों कदमघाट, हथियापुल के पास व दलालघाट तिराहे पर सार्वजनिक शौचालय बनवाया है। दलालघाट का शौचालय का तो काफी बुरा हाल है, जिसे वर्तमान में नपा प्रशासन ठीक करा रहा है। वहीं हथिया पुल के पास बना शौचालय पानी के आभाव में बंद पड़ा है। इस शौचालय के टेंडर में समरसेबल भी लगवाया जाना था लेकिन ठेकेदार शौचालय बनवाने के बाद समर सेबल की बोरिंग नहीं कराया है। जिसके चलते यहां पानी की समस्या है। वहीं कदमघाट पर बने शौचालय का टैंक ही भर गया है। जिसके चलते यह शौचालय भी वर्तमान में प्रयोग में नहीं है। लोगों का कहना है कि नपा को कई बार लिखित व मौखिक सूचना दे दी गई है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है।