शहर नरौली मुहल्ले के पास कालोनी में स्थापित वर्कशाप आजमगढ़ विकास प्राधिकरण, आरटीओ और प्रदूषण विभाग के नियम विरुद्घ स्थापित होने की रिपोर्ट को चुनौती देते हुए संचालित हो रहा है। इस वर्कशाप के संचालित होने से नरौली मुहल्ले के लोगों के साथ-साथ मरीज और छात्र एवं शिक्षक काफी परेशान है क्योंकि वर्कशाप रिहायशी मोहल्ले में तो है ही। उसके एक तरफ चिल्ड्रेन हायर सेकेंड्री स्कूल और दूसरी तरफ चर्चित मिशन हास्पिटल है।
नगरपालिका परिषद आजमगढ़ के नरौली मुहल्ले में मिशन अस्पताल एवं मेडिकल कालेज स्थित है। करीब पांच हजार की घनी आबादी वाले इस मुहल्ले में अच्छे पेशे से जुड़े लोग रहते हैं। अस्पताल से सटे एक भवन में दीप मोटर्स एजेंसी का मारुति वर्कशाप संचालित है। जहां गाड़ियों की मरम्मत के लिए सुबह से रात तक भीड़ लगी रहती है। बिजली न होने पर वर्कशाप का जनरेटर चलता है।
जनरेटर की आवाज, गाड़ियों के हार्न और प्रदूषण से मुहल्लेवासी खासे परेशान हैं क्योंकि प्रदूषण के साथ-साथ उन्हें जाम का सामना करना पड़ता है। विरोध करने पर वर्कशाप संचालक और उसके लोग मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। मुहल्लेवासियों ने आठ अप्रैल 2015 को एडीएम प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया। एडीएम इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आख्या मांगी। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. केके पांडेय ने जांच के बाद जो अपनी रिपोर्ट सौंपी, उसमें साफ-साफ बताया कि यह वर्कशाप गलत तरीके से संचालित किया जा रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संभागीय परिवहन अधिकारी को तत्काल वर्कशाप का लाइसेंस निरस्त करने के लिए पत्र भेजा। एडीएम ने संभागीय परिवहन अधिकारी से आख्या मांगी। 18 जून 2015 को मांगी गई रिपोर्ट के जवाब में 25 जुलाई 2015 को संभागीय परिवहन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें उन्होंने भी वर्कशाप गलत जगह स्थापित होना बताया। एक दिसंबर 2015 को आजमगढ़ विकास प्राधिकरण ने भी अपनी रिपोर्ट में वर्कशाप को गलत जगह होना बताया गया है लेकिन कार्रवाई करने में उसने असमर्थता जताई क्योंकि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
रविवार को भी संचालित होता है वर्कशाप
नरौली मुहल्ले में संचालित मिशन अस्पताल एवं मेडिकल कालेज के डा. एम मानव ने बताया कि यह वर्कशाप रविवार को साप्ताहिक बंदी के दिन भी संचालित होता है। इससे उठने वाले प्रदूषण से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीज और स्टाफ काफी परेशान हैं। अस्पताल में भर्ती और आसपास के गंभीर मरीजों के लिए प्रदूषण जानलेवा है।
बच्चों के बीमार होने पर स्कूल में लगवाया शीशा
चिल्ड्रेन हायर सेंकेंड्री स्कूल के प्रबंधक बजरंग त्रिपाठी ने कहा कि यह वर्कशाप पठन-पाठन के कार्य में बाधा उत्पन्न करता है। वर्कशाप में बनने वाले वाहनों के इंजन से निकलने वाले धुएं के निस्तारण की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते सारा धुआं स्कूल में आने लगा था। वर्कशाप पर कार्रवाई न होने पर धुएं से बचने के लिए उन्होंने शीशा लगवाया। विद्यालय के कई छात्र बीमार भी पड़ चुके हैं।
अनधिकृत रूप से स्थापित है वर्कशाप
नरौली मुहल्ला निवासी व कृषि मंडी परिषद में कार्यरत राजनरायन पांडेय ने कहा कि रिहायशी क्षेत्र में यह वर्कशाप अनधिकृत रूप से स्थापित है। इसके चलते प्रदूषण, जाम और अनहोनी की आशंका सदैव बनी रहती है। सुबह सात बजे से जो वाहनों के आने का सिलसिला शुरू होता है, तो देर रात तक अनवरत जारी रहता है। मना करने पर वर्कशाप मालिक के साथ उनके गुर्गे मारपीट पर अमादा हो जाते हैं।
वर्कशाप से छिन गया है चैन
नरौली मुहल्ला निवासी डा. एके रस्तोगी, डा. प्रदीप मिश्रा, रामअवध यादव, बिंदू यादव आदि ने बताया कि जब से यह वर्कशाप खुला है, सुख चैन छिन गया है। बच्चों को बाहर भेजने से डर लगता है। क्योंकि कब क्या हो जाए कोई भरोसा नहीं।
20 वर्षों से संचालित है मेरा वर्कशाप
वर्कशाप के संचालक शंकर साव ने बताया कि उनका वर्कशाप वैध है। जो लोग शिकायत कर रहे हैं, वह अनधिकृत तरीके से मकान बनवाकर वहां रह रहे हैं। तीन विभाग की रिपोर्ट के बाबत पूछे जाने पर शंकर साव ने कहा कि किसी विभाग के कुछ लिख देने से क्या होता है।
नरौली मुहल्ले में संचालित मारुति कंपनी का वर्कशाप पूरी तरह से गलत है, इस संबंध में हम अपनी रिपोर्ट एडीएम प्रशासन को सौंप चुके हैं। घनी आबादी के बीच संचालित इस वर्कशाप में बनने वाले वाहनों के इंजन से जहरीली गैस (कार्बनमोनो आक्साइड, नाइट्राक्साइड) नामक गैस निकलती है, लोगों के फेफड़े तक पहुंच कर उन्हें घातक बीमारी का शिकार बना देंगी। - केके पांडेय, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी
एसडीएम करेंगे कार्रवाई: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि यह प्रकरण सार्वजनिक अवरुद्घ अधिनियम के तहत आता है। सुप्रीमकोर्ट के दिशा निर्देश के तहत इस मामले में धारा 133 सीआरपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर एसडीएम दोनों पक्षों को सुनकर मामले का तत्काल निस्तारण कर सकते है। कल एसडीएम सदर को इस मामले में कार्रवाई करने का आदेश जारी किया जाएगा।