12 दिन में हुई मात्र 5381 क्विंटल गेहूं की खरीद
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जनपद में एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद समाप्त होने के मात्र तीन दिन का समय शेष बचा है लेकिन जनपद में अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष 43.30 प्रतिशत ही गेहूं की खरीद हो सकी है, जो पिछले कई वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। खरीदारी करने में खाद्य विभाग सबसे आगे है जबकि भारतीय खाद्य निगम सबसे फिसड्डी है। क्रय केंद्रों से 80 फीसदी उठान हो चुका है।
शासन की ओर से जनपद में गेहूं खरीद का लक्ष्य 78 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। इसके तहत, मार्केंटिग के 17 क्रय केंद्रों के लिए 40 हजार मीट्रिक टन, पीसीएफ के 29 क्रय केंद्रों के लिए 28 हजार मीट्रिक टन, यूपी एग्रो के चार क्रय केंद्रों के लिए छह हजार मीट्रिक टन और भारतीय खाद्य निगम के दो क्रय केंद्रों के लिए चार हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित है। एक अप्रैल से शुरू होकर 15 जून तक चलने वाली गेहूं खरीद में तीन दिन शेष है लेकिन गेहूं खरीद के लिए जिन विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अभी तक उन्होंने लक्ष्य के आधे गेहूं की भी खरीदारी नहीं की है लेकिन संतोष की बात यह है कि जो खरीद हुई है वह पिछले कई वर्षों की तुलना में सबसे अधिक है। खरीदारी में 45.11 प्रतिशत के साथ खाद्य विभाग सबसे आगे है। 28.03 प्रतिशत खरीदारी के साथ भारतीय खाद्य निगम सबसे फिसड्डी है।
लक्ष्य के सापेक्ष खरीदारी की स्थिति देखें तो खाद्य विभाग का लक्ष्य 40 हजार मीट्रिक टन है जिसके सापेक्ष 18043.55 मीट्रिक टन, पीसीएफ का 28 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 12481.85 मीट्रिक टन, यूपी एग्रो का छह हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 2127.20 मीट्रिक टन और भारतीय खाद्य निगम का चार हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 1121.10 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी की जा चुकी है। खरीदारी में अभी तीन का समय शेष है। समय कम होने के कारण खरीदारी में भी तेेजी आई है।