अपर सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय की अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में दोषियों को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मुकदमे के अनुसार, रौनापार थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव निवासी दीनदयाल 22 मई 2015 की सुबह अपने घर के पीछे नीम के पेड़ के पास सफाई कर रहा था। इस दौरान पुरानी रंजिश को लेकर गांव के प्रसिद्ध नारायण, शिव प्रसाद और उनके परिवार के दो नाबालिग लड़कों ने लाइसेंसी बंदूक व तमंचा लिए दीनदयाल के दरवाजे पर आए और गाली देने लगे। मना करने पर अभिषेक ने गोली चला दी, जिससे दीनदयाल की बेटी दिव्या घायल हो गई। साथ ही दीनदयाल के परिवार की कमला देवी और घनश्याम को भी चोटें आईं। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांचोंपरांत पांच आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान दो नाबालिग आरोपियों के नाम होने के कारण उनकी पत्रावली अलग कर किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई। इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता ने कुल नौ गवाहों को पेश कर तर्को को रखा। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अभिषेक, शिव प्रसाद और प्रसिद्ध नारायण को दोषी पाया।