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न युवाओं को छोड़ रहा न गर्मी से डर रहा ये कोरोना

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शहर के फराश टोला मुहल्ले में लाकडाउन के दौरान मस्ती कर रहे युवक कैमरा देख भागते हुये। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। कोरोना के संबंध में किए जा रहे दावे समय के साथ मिथक साबित हो रहे हैं। कोरोना के संबंध में दावा किया गया था कि प्रतिरोधक क्षमता कम होने से ये बुजुर्गों का ज्यादा चपेट में लेता है। लेकिन जनपद में जिन तीन लोगों में कोरोना पाजीटिव पाया गया है वो 22 से 26 वर्ष की उम्र के हैं। उनके साथ ही रह रहे 45 वर्ष तक के उम्र वालों की रिपोर्ट निगेटिव मिली। इससे साफ पता चला चलता है कि युवा हो या बुजुर्ग कोरोना से सभी को सावधान रहने की जरूरत हैं।
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चीन के वुहान से शुरू होकर दुनियाभर में फैले कोरोना के कहर से लोग खौफजदा हैं। कोरोना संक्रमण की शुरुआत के साथ ही स्वास्थ्य विभाग साथ ही विभिन्न संगठन दावा कर रहे थे कि युवाओं की अपेक्षा बुजूुर्गो में कोरोना संक्रमण का ज्यादा खतरा है। इसके लिए एक रिपोर्ट भी जारी की गई थी कि युवा इस वायरस से वृद्धों की तुलना में कम संख्या में संक्रमित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार मात्र 2.4 प्रतिशत मामलों में ही 18 या उससे ज्यादा उम्र के लोग संक्रमित हुए हैं। 70 साल से ज्यादा के लोगों में ये 8 प्रतिशत, जबकि 80 से ज्यादा उम्र के लोगों में 14.8 प्रतिशत है। इसके साथ ही ये भी कहा गया था कि मौसम गरम होने के साथ ही इसका असर कम हो जाएगा। साथ ही किसी सामान को धूप में छोड़ देने से ये वायरस मर जाएगा, लेकिन समय के साथ ये सारे मिथक भी टूट रहे हैं।
गर्मी में इस वायरस के कमजोर पड़ने का बाते कही जा रही थी लेकिन देश में मौसम गरम हो रहा है और इस वायरस का संक्रमण भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। गरमी से इसके कम होने की बात कहीं से सामने नहीं आ रही है। मुबारकपुर के चक सिकठी स्थित मस्जिद से निजामुद्दीन मरकज से लौटे सात बाहरी जमातियों को पकड़ा गया था। सातों विभिन्न उम्र के हैं। एक साथ थे। एक ही दिन सभी का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। जो रिपोर्ट आई वो चौंकाने वाली थी। इसमें तीन लोग पाजीटिव और चार निगेटिव पाए गए। जो पाजीटिव आए उनकी उम्र 22 से 26 वर्ष के बीच हैं। वहीं, जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आए उसमें 54 वर्ष के लोग भी शामिल हैं। इससे साफ है कि सभी उम्र के लोगों को कोरोना से बचाव के लिए सभी सावधानियां अपनानी जरूरी है।
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मॉस्क को लेकर भी बरतें सावधानी
सिर्फ मास्क पहन लेने से वायरस से सुरक्षित नहीं हुआ जा सकता। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि ये एक भ्रांति मात्र है। कोरोना वायरस हवा से कहीं ज्यादा सरफेस पर पाया जाता है। गंदे हाथों से मास्क को इधर-उधर एडजस्ट करने से खतरा ज्यादा रहता है। सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाली जगह को छूने से बचें। किसी बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क में न आएं। घर आकर सबसे पहले हाथ-पैर-चेहरा साबुल से धुलें। गंदे हाथ को मुंह-नाक छूना, आंखें मलना ज्यादा खतरनाक है। मास्क उनके लिए ज्यादा जरूरी है जिनमें लक्षण हैं।
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इसका भी रखे ध्यान
--सैनिटाइजर ही हाथ साफ करने का विकल्प एक अफवाह है। साबुन से अच्छी तरह हाथ धुलना ही पर्याप्त है। --शराब पीने, गरम पानी पीने से, काली मिर्च और अदरक से कोरोना से बचा जा सकता है, ये उचित नहीं हैं।
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--शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने की जरूरत है। ताकि बीमारी पास भी न फटके।
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