आजमगढ़। जनपद के अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चयन, नियुक्ति एवं अनुमोदन से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। इस संबंध में संबंधित संस्थाओं से निर्देशित किया गया है कि यदि किसी प्रकरण में विभागीय आदेश और न्यायालय, उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के आदेश लागू हैं तो उनकी संपूर्ण पत्रावली 8 जुलाई तक हर हाल में उपलब्ध कराई जाए।
डीआईओएस अजय कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि प्राप्त अभिलेखों के आधार पर संस्कृत शिक्षा से संबंधित नियमों एवं समय-समय पर संशोधित विनियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को निर्धारित समय के भीतर संबंधित पत्रावलियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित तिथि तक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं और बाद में ऐसे प्रकरण प्रकाश में आते हैं, तो उनसे संबंधित पूरी प्रक्रिया को विधि शून्य माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित शिक्षक, संस्था प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य स्वयं उत्तरदायी होंगे। डीआईओएस अजय कुमार ने इस प्रकरण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए हैं।