इन दवाओं का करें छिड़काव
इन पर नियंत्रण के लिए एजाडीरेक्टीन (नीम ऑयल) 1.50 से 2.00 लीटर प्रति हेक्टेयर 600 से 700 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। टिड्डियों का प्रकोप होने पर क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी 1200 मिली, लेम्डा साइहेलोथ्रीन 5 प्रतिशत ईसी 400 मिली या बेन्थियों कार्ब 80 प्रतिशत 125 ग्राम, 500 लीटर पानी में प्रति हेक्टेयर की दर से घोल बनाकर छिडक़ाव करें या फेनवेलरेट 0.4 प्रतिशत अथवा मैलाथियान 5 प्रतिशत धूल 20 से 25 किग्रा प्रति हेक्टेयर की दर से सुबह पत्तियों पर ओस देखकर बुरकाव करें। टिड्डी दल के खेत में बैठने के बाद उनके अंडों को नष्ट करने के लिए खेत की गहरी जुताई कर दें।
इन नंबरों पर दें इनके आक्रमण की सूचना
आक्रमण होने की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल कृषि विभाग के प्राविधिक सहायकों एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के माध्यम से कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन तक तत्काल पहुचाएं। इनके आक्रमण की दशा में जनपद स्तर पर बने कंट्रोल रुम मोबाइल नं0 9919588753, 9450809578, 9260951598 एवं 9415902075 पर जानकारी उपलब्ध कराएं या क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, लखनऊ के फोन नं0 0522-2732063 अथवा अपर निदेशक कृषि रक्षा लखनऊ को फोन नं0- 0522-2205868 पर भी सूचित कर सकते हैं।