आजमगढ़। डॉ. अंबेडकर डिपो और आजमगढ़ डिपो की कई रोडवेज बसों में आग से बचाव के यंत्र तो छोड़िए, फर्स्ट एड बॉक्स तक की सुविधा नहीं है। अधिकारियों की यह लापरवाही यात्रियों के लिए जानलेवा बन सकती है। जानकारी होने के बाद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
आजमगढ़ डिपो से प्रतिदिन 68 निगम और 35 अनुबंधित और डॉ. आंबेडकर डिपो की 85 निगम और 20 अनुबंधित बसें रवाना हो रही हैं। यह बसें रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्रियों को ढो रही हैं। इनमें से कई बसें फिटनेस के मानक पर खरी नहीं हैं।
बसों में लगे अग्निशमन यंत्र सिर्फ नाम मात्र के हैं। वह या तो जंग खा रहे हैं या फिर समय से रिफलिंग नहीं हो सके। वहीं, बसों में लगे फर्स्ट एड बॉक्स भी गायब हैं। जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स लगे हैं, लेकिन वो भी खाली पड़ी हुई है।
जबकि शासन का सख्त आदेश हैं कि रोडवेज बेड़े में शामिल बसों में अग्निशमन यंत्र व फर्स्ट एड बॉक्स में दवाएं होनी चाहिए। इसके बावजूद अधिकारियों की उदासीनता के चलते जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है।