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बर्न वार्ड तो है लेकिन संसाधन का आभाव, सर्जन नहीं

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आजमगढ़। जिला अस्पताल में बर्न वार्ड तो है लेकिन यहां संसाधनों खास तौर से बर्न सर्जन की तैनाती नहीं है। जिसके चलते जर्नल सर्जन के माध्यम से यहां भर्ती होने वाले मरीजों का इजाज किया जा रहा है। मरीज गंभीर होता है तो उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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बर्न वार्ड में वर्तमान में कुल 13 बेड है। बर्न सर्जन डॉ. सुबास सिंह द्वारा पद से इस्तीफा दे दिए जाने के चलते यह पद लगभग दो साल से रिक्त चल रहा है। जिसके चलते जर्नल सर्जन डॉ. संतोष गुप्ता, डॉ. सतीश कन्नौजिया व डा. एके कुशवाहा द्वारा जल कर भर्ती होने वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वार्ड में एसी चल रही है तो साफ-सफाई की व्यवस्था भी उत्तम है। दवा आदि भी अस्पताल प्रशासन भर्ती मरीजो को उपलब्ध करा रहा है। सामान्य जले मरीजों का तो यहां बेहतर इलाज हो रहा है लेकिन जो गंभीर मरीज होते है, उन्हें बर्न सर्जन के आभाव में हॉयर सेंटर रेफर करना अस्पताल प्रशासन की मजबूरी है। वार्ड की व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए बतौर इंचाज प्रतिमा राय की तैनाती है। इसके अलावा नर्स शशिकुमारी, वार्ड ब्वाय बृजेश यादव व स्वीपर के रुप में जगवंती देवी की तैनाती है। जिला अस्पताल एसआईसी प्रभारी डॉ. एके सिंह ने बर्न सर्जन नहीं है, जिसके चलते जर्नन सर्जन के माध्यम से बर्न वार्ड का संचालन किया जा रहा है। गंभीर मरीजो को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। बर्न सर्जन की तैनाती को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है।
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