बरदह थाने के दुबरा बाजार में ज्वैलर्स के यहां डकैती के पास पहुंची पुलिस।
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आजमगढ़। सराफा कारोबारी के यहां डकैती की घटना के पीछे कहीं न कहीं पुलिस भी जिम्मेदार है। सराफा के साथ पूर्व में हुए लूट के दो प्रयासो की घटनाओं पर यदि पुलिस ध्यान दी हुई होती तो शायद डकैती की यह घटना ही नहीं घटी होती।
बरदह थाना क्षेत्र के दुबरा बाजार में सराफा कारोबारी संजय सेठ पुत्र रामकिशुन सेठ के यहां दो बाइक सवार आधा दर्जन डकैतों ने धावा बोला। दुकान में घुसे दो डकैतों ने असलहे से आतंकित कर दुकान के लाकर में रखे 42 लाख रुपये के सोने व चांदी लूट लिए। संजय के साथ पूर्व में भी लूट के दो असफल प्रयास बदमाशों ने किया था। जिसकी शिकायत भी उसने स्थानीय थाने पर किया था लेकिन किसी भी शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। जिससे बदमाशों के हौसले बुलंद थे और उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में संजय की दुकान से 42 लाख के जेवरात लूट लिये। लूट की इस घटना के दौरान बदमाशों ने जिस तरह से 20 मिनट तक बाजार वासियों का लोहा लिया। उससे यह पता चलता है कि उनके हौसले कितने बुलंद थे। पांच लोगों को घायल कर बदमाश लूट का सोना व चांदी लेकर मौके से भाग निकलने में सफल रहे। घटना के बाद पहुंची पुलिस हवा में ही तीर मार रही है।
डीआईजी व एसपी भी पहुंचे मौके पर
आजमगढ़। सराफा कारोबारी के यहां डकैती की जानकारी होते ही डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे व एसपी त्रिवेणी सिंह भी मौके पर पहुंच गये। मौका मुआयना करने के साथ ही थाने पर बैठ कर घटना के खुलासे को लेकर रणनीति तय किया। डीआईजी के निर्देश पर डकैतो की धर पकड़ के लिए कई टीम बना कर लगा दी गई है।
एक तरफ एसपी कर रहे थे खुलासा दूसरी तरफ पड़ गई डकैती
आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के दुबरा बाजार में जिस समय बाइक सवार डकैत सराफा कारोबारी के यहां डकैती की घटना को अंजाम देने के साथ ही बाजार वासियों से मूठभेड़ कर रहे थे तो वहीं साइबर एक्सपर्ट एसपी त्रिवेणी सिंह अपने कार्यालय में चार साइबर अपराधियों के पकड़े जाने पर प्रेसवार्ता में मशगुल नजर आये। लूट, हत्या, छिनैती, दुष्कर्म के बाद अब डकैती की बड़ी वारदात ने जिले के क्राइम कंट्रोल पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है।