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आजादी के बाद देश की पत्रकारिता में हुआ काफी परिवर्तन: एसके सत्येन

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आजमगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में मंगलवार को नारद जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन कलेक्ट्रेट स्थित अधिवक्ता भवन के अतिथि गृह में किया गया। जिसमें वक्ताओं ने नारद जी को आदि पत्रकार कहा। मुख्य अतिथि एसके सत्येन ने कहा कि संघ ने यह कार्य कर जिले को गौरवांवित किया है। नारद जी को आदि पत्रकार कहा जाता है। पत्रकारिता में देश की आजादी के बाद काफी परिवर्तन हुआ है। लोगों ने पत्रकारिता को निखार दी। नारद जी सदा सत्य बोला करते थे पत्रकारिता भी सच को उजागर करती है। विशिष्ट अतिथि डा. श्याम दत्तदुबे ने कहा कि नारद जयंती पर ही 1969 में सरकार ने दूरसंचार दिवस बनाने का निर्णय लिया। पत्रकार के रूप में नारद जी को जाना जाता है। 18 पुराणों में नारद पुराण एक है। जिला प्रचार प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आर्यमगढ़ मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आदि पत्रकार नारद जी सदा सच बोला करते थे। हर युग में नारदजी ज्ञानी, विद्वान, सत्यभाषी थे। आज संघ के 45 प्रांतों के 45 संवाद केंद्र में यह कार्यक्रम चल रहा है। ज्येष्ठ कृष्ण प्रतिपदा के दिन नारद जयंती मनाते हैं। आज तमाम पत्रकार श्रमजीवी के रूप में कार्य कर रहे हैं। समाज को सत्य से अवगत कराना ही पत्रकारिता का प्रमुख दायित्व है। पत्रकार सदा सत्य के साथ खड़ा होता है। यही कार्य जीवन पर्यंत नारद ने किया। अध्यक्षता महेंद्र सिंह व संचालन ओप्रकाश पांडेय ने किया। इस मौके पर संत विजय, सुशील कुमार विभाग प्रचारक, पंकज त्रिपाठी, कल्पनाथ पाठक, विद्यासागर श्रीवास्तव, उमेश राय, राधेश्याम, विजय श्रीवास्तव, मनोज सिंह, तेज पांडेय, अभिमन्यु शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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