विगत तीन दिनों तक घटने के बाद घाघरा का जलस्तर शुक्रवार से फिर बढ़ने लगा है। नदी बदरहुंआ और डिघिया दोनो खतरा बिंदुओं पर लाल निशान से पार हो गई। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी हैं।
जनपद की उत्तरी सीमा को छूकर निकलने वाली घाघरा नदी का जलस्तर विगत तीन दिनों तक घटने के साथ शुक्रवार को बढ़ गया। गुरुवार को नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर खतरा बिंदू से तीन सेमी नीचे था और डिघिया नाले पर खतरा 42 सेमी ऊपर थ। शुक्रवार को नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर फिर से खतरा बिंदू के पार चला गया। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई देने लगी हैं।
गुरुवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर बदरहुंआ नाले पर 71.65 मीटर और डिघिया नाले पर 70.82 मीटर था जो शुक्रवार की शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर 71.82 मीटर और डिघिया नाले पर 70.99 मीटर पर पहुंच गया। बदरहुंआ नाले पर नदी खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 14 सेमी और डिघिया नाले पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 59 सेमी ऊपर बह रही थी। अगर सरकारी आंकड़े पर गौर करें तो बाढ़ से 11 गांव की 7322 आबादी प्रभावित है।
घाघरा की बाढ़ से कुल 2685 हेक्टेअर क्षेत्र प्रभावित है। जिसमें कृषि योग्य भूमि 2037 हेक्टेअर और बोई गई फसल का क्षेत्र 685 हेक्टेअर है। बाढ़ क्षेत्र में सात नावों का संचालन किया जा रहा है। जिसमें चक्की में तीन, शाहडीह में एक, मानिकपुर में एक, सोनौरा में एक और बांका में एक नाव का संचालन हो रहा है। लोगों को कहीं आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।