पहाड़ों पर बर्फबारी का असर जनपद में भी देखने को मिल रहा है। विगत चार दिनों से कोहरे ने जनपद को अपने आगोश में समेटे रखा है। कोहरे के साथ चल रही सर्द हवाओं ने गलन को बढ़ा दिया है। जिसके कारण आमजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
जनपद में घने कोहरे का कहर जारी है। बुधवार की शाम से ही कोहरे ने अपनी चादर फैलानी शुरू कर दी थी। रात को नौ बजते-बजते कोहरा इतना घना हो गया कि दो से तीन मीटर की दूरी पर स्थित वस्तु को देेखना भी मुश्किल हो रहा था। गुरुवार को भी कोहरे में कोई कमी नहीं हुई। बल्कि कोहरा और घना था। सुबह के समय कोहरा सावन के फुहारों की तरह धरती पर गिर रहा था। जिसके कारण नगर क्षेत्र की सारी सड़कें भीगी हुई थी। ऐसा लग रहा था जैसे बारिश हुई हो।
घने कोहरे के कारण दो पहिया और चार पहिया वाहन चालक दिन को भी लाइट जलाकर चलने को मजबूर हुए। दोपहर को कोहरा छंटा लेकिन दोपहर बाद ही सूर्य की किरणें धरती पर पहुंची। सूर्य के निकलने पर लोगों ने गलन से राहत महसूस की। घरों में दुबके लोग कुर्सियां लेकर धूप में पहुंच गए और धूप का आनंद लिया। लेकिन शाम होते ही गलन बढ़ गए। कोहरे ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए थे। सुबह के समय जनपद का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।