मंदुरी हवाई पट्टी के विस्तार के लिए किसानों के जमीन देने के लिए राजी नहीं होने से प्रशासन के माथे पर बल पड़ गए थे। मुख्य राजस्व अधिकारी ने किसानों के साथ बैठक की और उन्हें जमीन देने के लिए राजी किया। लगभग 1.5 हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जाएगी। विभाग की ओर से शासन को भेजने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
रिजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत दूसरे चरण में विकास के लिए मंदुरी हवाई पट्टी का चयन किया गया है। पिछले माह एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया की ओर से नया संशोधित मास्टर प्लान जारी करते हुए प्रस्तावित नक्शे के अनुसार जमीन अधिग्रहण के निर्देश दिए गए थे। कहां पर कितनी जमीन लेनी है उसकी लंबाई और चौड़ाई भी दी गई थी।
निर्देश के अनुसार पिछले दिनों राजस्व कर्मियों की ओर से जमीन की पैमाइश आदि कर ली गई थी। इस बीच किसानों हवाई पट्टी के लिए जमीन देने के लिए तैयार न होने से समस्या खड़ी हो गई थी। मामला सुलझाने के लिए किसानों की बैठक मंदुरी हवाई पट्टी पर बुलाई गई थी।
किसानों से बातचीत के बाद मुख्य राजस्व अधिकारी उन्हें मनाने में कामयाब हो गए। किसानों की ओर से जमीन देने की सहमति देने के बाद विभाग नये सिरे प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है। लगभग डेढ़ हेक्टयर जमीन लेने की बात कही जा रही है। प्रस्ताव तैयार होने के बाद इसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।