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Azamgarh News: सवा करोड़ से लगाए गए बोल्डर पिचिंग को घाघरा की लहरों ने दरकाया

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लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर मंगलवार को एक बार फिर से कम होना शुरू हो गया है, लेकिन बाढ़ का संकट और ग्रामीणों की बेचैनी कम नहीं हुई है। झगरहवा के बाद अब देवारा खास राजा के बगहवा पुरवा में भी कटान शुरू हो गई है। पानी के दबाव का आलम यह है कि कटान रोकने के लिए झगरहवा में की गई बोल्डर पिचिंग दरकने लगी है। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरा के निशान से छह सेमी नीचे पहुंच गया। लेकिन तीन बैराजों से फिर छोड़े गए 290521 क्यूसेक पानी से बाढ़ का संकट बना हुआ है। अभी भी कई गांव के रास्ते डूबे हैं और आवागमन के लिए नाव का संचालन किया जा रहा है।
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बदरहुंआ नाले पर सोमवार की शाम चार बजे जलस्तर 71. 86 मीटर रिकॉर्ड किया गया था, जो मंगलवार को 24 सेमी से घटकर 71.62 मीटर और डिघिया नाले पर 71.04 मीटर से 19 सेमी घटकर 70.85 मीटर हो गया है। बदरहुंआ नाले के पास खतरा बिंदु 71.68 मीटर है, जबकि डिघिया नाले के पास खतरा बिंदु 70.40 मीटर है।
मंगलवार को शारदा बैराज से 1,46,172 क्यूसेक, गिरिजा बैराज से 1,41,702 तथा सरयू बैराज से 2647 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जमुवारी चौकी से मात्र 500 मीटर पर सोनौरा ढाला से आगे एक छोटी नदी है, जिसको पार करने के लिए नाव ही सहारा है। दूसरी तरफ सोनौरा, अजगरा और देवारा खास, धुसवा के छोटे-छोटे बच्चे प्राथमिक विद्यालय जमुवारी ,जूनियर हाई स्कूल जमुवारी, एलपीडी रौनापार के बच्चे स्कूल पढ़ने आते जाते हैं। उनके लिए मात्र नाव ही सहारा है। नाव में सवार क्षमता से अधिक बच्चे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। बाढ़ क्षेत्र में बनी सभी बाढ़ चौकियां कर्मचारी न होने से बंद पड़ी हैं।
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