लाटघाट। घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों में नदी के जलस्तर में 23 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि यह अभी भी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवारा खास राजा और सहबदिया गांव में नदी के किनारे जमीन कटान की समस्या बढ़ रही है।
सवा चार करोड़ रुपये की लागत से बनी परियोजना ने सहबदिया गांव की 300 घरों और 2500 की आबादी को तो बचा लिया, लेकिन अब खेती की जमीन तेजी से कट रही है। देवारा खास राजा और सहबदिया गांव में नदी के किनारे धीरे-धीरे जमीन कट रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खेती की जमीन के कटान से उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता शिव कुमार ने बताया कि वर्तमान में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है और नदी में पानी का स्तर कम है। उन्होंने कहा परियोजना के कारण सहबदिया गांव और वहां की आबादी को बचा लिया गया है।
यदि गांव कट जाता तो एमजी बांध पर भी खतरा मंडरा सकता था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नदी का स्वभाव जमीन काटना है और इस समस्या पर आगे काम किया जाएगा।