लाटघाट। उत्तराखंड और नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद घाघरा में विभिन्न बैराजों से छोड़े गए पानी का असर अब दिखने लगा है। नदी का जलस्तर शुक्रवार को डिघिया गेज पर खतरा बिंदू से ऊपर पहुंच गया है। वहीं बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू के करीब पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को डिघिया गेज पर नदी का जलस्तर 70.34 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को 70.91 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। वहीं बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 70.95 मीटर दर्ज किया गया था जो शुक्रवार को बढ़कर 71.56 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है। घाघरा नदी के सामान्य हो जाने के बाद तटवर्ती इलाकों के लोग अभी राहत की सांस ले ही रहे थे। लेकिन दो दिन से एक बार फिर उफान आने से तटवर्ती इलाकों के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। वहीं गांगेपुर में कटान जारी है। उत्तराखंड और नेपाल से पानी छोड़े जाने पर जनपद में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। फसलें भी जलमग्न हो रही हैं। विगत 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 61 सेमी में वृद्धि दर्ज की गई। जलस्तर में वृद्धि का क्रम बरकरार रहा तो जलस्तर के बदरहुंआ गेज पर खतरा बिंदु पार होते ही तटवर्ती इलाकों में खलबली मचना तय है। तटवर्ती इलाकों में बची हुई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। क्षेत्र के गांगेपुर, परसिया और देवारा खास राजा में कटान हो गई है। लगातार तीन दिनों से कटाने होने के कारण किसानों की जमीन घाघरा में विलीन होती जा रही है। ल्यांकन कराकर मुआवजा देने की बात कही।