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आपदा या बाढ़ग्रस्त होने पर ही मिलेगा फसल बीमा योजना का लाभ

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आजमगढ़। जनपद में हुई मूसलाधार बारिश से धान, गन्ने और सब्जी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। जनपद में 13465 किसानों ने फसल बीमा ले रखा है लेकिन उनको मुआवजा तभी मिलेगा जब सरकार क्षेत्र को आपदा या बाढ़ग्रस्त घोषित कर दे। लिहाजा किसानों की आस सरकार के फैसले से लगी है। जनपद में कुल छह लाख छह हजार 572 किसान है। जिसमें से मात्र 13465 किसान ही फसल बीमा कराया है। जनपद में 214459 हेक्टेयर में धान की खेती होती है। अतिवृष्टि से ज्यादातर इलाकों में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। अरहर और सब्जी की फसलें भी खराब हुई हैं। नुकसान का आकलन करने के लिए जिलाधिकारी ने13 अक्टूबर क्षेत्रीय लेखपाल, प्राविधिक सहायक कृषि और बीमा कंपनी के अधिकारी की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। बीमा कंपनी के अधिकारी ने खुद को टीम से अलग कर लिया है। उनका कहना है कि जब तक सरकार आपदा या बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित नहीं करती तब तक वे कुछ नहीं कर सकते हैं। पिछले वर्ष खरीफ के सीजन में बाढ़ ग्रस्त और उपज में कमी की भरपाई के लिए एक करोड़ 29 लाख 36 हजार रुपये का मुआवजा किसानों को दिया गया था लेकिन इस बार अब तक किसी को राहत राशि नहीं मिली है। 16 सितंबर और उसके बाद हुई मुसलाधार बारिश में तमाम किसानों की फसल बर्बाद हुई है क्योंकि तेज हवा चलते धान की फसल गिर गई थी।
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