दो विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले छह गांव के लोगों आज भी तमसा नदी पर बने बांस-बल्ली के पुल से किराया देकर गुजरने के मजबूर हैं। जान हथेली पर होती है फिर भी बाइक आदि भी इसी पुल से गुजारी जाती है।
मुबारकपुर विधानसभा के पश्चिमी छोर पर बसे दाऊदपुर, दाऊदपुर कुर्मी, मंझरिया, ढ़कवा, पियरोपुर, सालारपुर आदि गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय तक जाने के लिए या तो इस खतरनाक पुल को पार करना होता है या बम्हौर शाहगढ़ होते हुए 18 किमी की दूरी तय करनी होती है।
वहीं, इस पार स्थित सदर क्षेत्र के कोलककरहटा, मंचोभा, उकरौड़ा, जीयनपुर कोठरवा आदि के ग्रामीणों को मुबारकपुर जाने के लिए 12 किमी की दूरी तय करनी होती है। दूरी कम करने के लिए लोग चह पार करके ही जाते हैं। ये बरसात के दिनों में पानी में डूब जाता है। बांस बल्ली उखड़ कर पानी में बह जाती है। ऐसे परिस्थितियों में लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है।
यदि उक्त गांव के बीच में तमसा नदी पर पुल का निर्माण करा दिया जाए तो ग्रामीणों के लिए दूरी आधी हो जाएगी। ग्रामीण ज्ञानचन्द, शेषनाथ, राजेश, शोहराब, जमालुद्दीन, तहजीब अनवर अंसारी ने बताया कि पूरे क्षेत्र में तमसा नदी तट पर पुल के निर्माण का जाल बिछा हुआ है, लेकिन इस पुल का निर्माण कब होगा इसके बारे में कोई बोलने को तैयार नहीं है। चह पार करने के बाद लोगों से साईकिल के सात रुपये, मोटरसाइकिल के 15 रुपये और पैदल यात्रियों के पांच रुपये निर्माणकर्ता वसूल करते हैं।