आजमगढ़। चुनाव प्रचार के दौरान घर में घुसकर मारपीट किए जाने के एक मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने समाजवादी पार्टी की पूर्व एमएलसी कमला यादव समेत सात आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। सात साल बाय यह फैसला बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट के न्यायाधीश अनुपम कुमार त्रिपाठी ने सुनाया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार मामला अप्रैल 2019 का है, जब लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रचार अभियान में कमला यादव अपने समर्थकों के साथ मेंहनगर थाना क्षेत्र के फिनहिनी गांव में राम प्रताप चौहान के घर पहुंचे थे। इस दौरान झंडा-बैनर लगाने को लेकर विवाद हो गया था।
इस संबंध में राम प्रताप चौहान की तहरीर पर 28 अप्रैल 2019 को मेंहनगर थाने में कमला यादव समेत 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद कमला यादव सहित सात आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में कमला यादव, गामा यादव, संजय यादव, मनोज, नगेंद्र, शंभू और एक अन्य मनोज को बरी कर दिया।