आजमगढ़। शहर के नो इंट्री जोन में यातायात नियमों को रोज और बार-बार तोड़ा जाता है। बेलईसा हो या हाफिजपुर, करतालपुर हो या शंकरजी मूर्ति सिधारी, जुनैदगंज शंकर जी फुहारा, पहाड़पुर, पांडेय बाजार, हर्रा की चुंगी, काली चौरा कहीं भी नजर डाले यातायात नियमों की धज्जियां उड़ते कभी भी देखा जा सकता है। नो इंट्री वाले क्षेत्रों में चार पहिया वाहन धड़ल्ले से नियमों को ठेंगा दिखाते हैं और यातायात कर्मी बेबस से यहां-वहां खड़े दिखते हैं। शनिवार को हालात ऐसे बन गए कि महत्वपूर्ण बाजारों में दो पहिया वाहन से कौन कहे लोगों का पैदल गुजरना भी मुश्किलों भरा रहा।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के सदर सांसद चुने जाने के बाद आजमगढ़ वीवीआईपी जिलों की श्रेणी में शुमार हुआ है। सड़क से लेकर बिजली, यातायात और परिवहन की व्यवस्था में सुधार के लिए कई पहल हुई हैं। जिले की यातायात व्यवस्था को चुस्त बनाने के लिए यहां एक एएसपी को तैनात किया गया है फिर भी हालात में कोई सुधार नहीं है। दूकानें आज भी सड़क तक लग रही हैं तो रही सही कसर रेहड़ी और ठेला वाले पूरी कर दे रहे हैं।
कई क्षेत्रों में रोक के बावजूद बड़े वाहन नियमों को रोज और बार-बार तोड़ते दिखते हैं। शहर में घुसनेवालों के लिए मंडल कारागार के सामने बंधे से ही वाहनों को जाने की अनुमति दी गई है। लेकिन बड़ी गाड़ियां प्रतिबंधित क्षेत्र शंकरजी तिराहा, मुख्य चौक में आसानी से घुस जाती हैं।
शनिवार को चौकमें एक वाहन के घुस जाने से काफी देर तक जाम लगा रहा। आगे निकलने के चक्कर में बाइक चालकों ने जाम को और विकराल बना दिया। पैदल राहगीरों को भी जाम से निकले में काफी वक्त लगा।