सरायमीर थाना क्षेत्र के खपड़ा गांव स्थित मसि्जद में शनिवार की रात घुसे एक अराजकतत्व ने फर्नीचर आदि तोड़कर अंदर रखी धार्मिक पुस्तकों को जला दिया।
लोगों को इसकी जानकारी रविवार की भोर में तब हुई जब वे इबादत करने पहुंचे। वहां की हालत देखकर क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया और भीड़ जमा हो गई।
इसी बीच लोगों की निगाह वहां सो रहे एक युवक पर पड़ी तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। सूचना मिलने पर एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
पुलिस संदिग्ध युवक से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है उसने ही इस घटना को अंजाम दिया है। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं बताई जा रही है। उधर, घटना से गुस्साए लोगों ने आजमगढ़-लखनऊ मार्ग पर कुछ देर जाम भी लगाया।
खपड़ा गांव स्थित मसि्जद में रविवार की सुबह लोग फज्र की नमाज पढ़ने पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर वे दंग रह गए। मसि्जद के अंदर धार्मिक किताबें, नमाज पढ़ने वाली चटाई आदि जली पड़ी थी।
कुर्सी, मेज टूटे थे। देखते-देखते वहां भीड़ जमा हो गई। तभी किसी की नजर वहीं सो रहे युवक पर पड़ी। गांव के लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम मोहर्रम अली, पुत्र नेमत अली, निवासी सफीगंज कोट, जिला उन्नाव बताया। पता चला है कि मोहर्रम के खिलाफ करीब 20 दिन पूर्व उन्नाव के भांगड़मऊ थाने में भी धार्मिक भावना भड़काने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
वहां भी उसने धार्मिक स्थान पर तोड़फोड़ की थी। उधर, घटना से नाराज लोगों ने सरायमीर कस्बे में आजमगढ़-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया जो करीब बीस मिनट तक चला। मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम समाप्त कराया।
सरायमीर थानाध्यक्ष तेजबहादुर सिंह ने बताया कि मोहर्रम के घर वालों से संपर्क किया गया। उन लोगों ने उसकी पहचान तो की, लेकिन उससे किसी भी प्रकार के संबंध से इंकार कर दिया।