सिधारी स्थित होमगार्ड ग्राउंड में आयोजित एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय तीन दिवसीय विराट किसान मेला-2015 में शुक्रवार को किसानों ने मनोरंजन के साथ तकनीकी जानकारियां हासिल कीं। दूसरे दिन मेले का शुभारंभ मंडलायुक्त एमकेएस सुंदरम ने किया। इसके बाद मंडलायुक्त ने मेले में लगे 42 स्टालों का निरीक्षण किया।
मेले में मंडलायुक्त ने किसान सत्यराम, रामविजय, धर्मराज, अर्जुन मौर्या, भुल्लन आदि किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर नैपसेक स्प्रेयर (बैट्री चलित) वितरित किया। वहीं बिलरियागंज के किसान अजीत सिंह ने हल्दी के विपणन की समस्या उठाई, तो महाराजगंज क्षेत्र के किसान रामाश्रय यादव ने नीलगायों के आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग मंडलायुक्त से की।
मऊ से आए किसान जयप्रकाश सिंह ने गन्ने की पर्ची छपे मूल्य से कम भुगतान होने की शिकायत की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में लोकगीत कलाकार मुन्ना लाल यादव ने अपने गीतों से किसानों का मनोरंजन किया। तो कलाकार एससी चौहान ने ‘सोनवा क चिरइयास बाटे मोरा हिंदुस्तान हो मंदिर मेें घंटा बाजे मजिस्द में अजान हो’ से किसानों में देशभक्ति का जज्बा पैदा कर दिया। संयुक्त कृषि निदेशक आजमगढ़ मंडल उदय कुमार, उपकृषि निदेशक आरबी सिंह, आरएन सिंह आदि उपस्थित रहे।
पत्ती को सूखने से बचाने के बताए उपाय ः तकनीकी सत्र में किसानों को प्याज की ऊपरी पत्ती को सूखने से बचाने सहित अन्य जानकारियां दी गई। वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने बताया कि प्याज में सूक्ष्म पोषक तत्वों की मांग अधिक होती है। जिसकी पूर्ति मल्टीप्लेस 10 मिली. घोल/लीटर पानी में मिलाकर 03 बिस्वा में छिड़काव करने से पौधे हरे-भरे हो जाएंगे। बताया कि अरहर के उकठा रोग से बचने के लिए नरेंद्र अरहर-2 का प्रयोग बीज के रूप में करें।
कृषि यंत्र देखने को लगी भीड़ ः विराट किसान मेले में कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य, पशुपालन, गन्ना विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के कुल 42 स्टाल लगे हैं। किसानों की सबसे ज्यादा भीड़ कृषि यंत्रों के स्टाल पर थी। पंजाब ट्रैक्टर के प्रोपराइटर राणा बलवीर सिंह ने किसानों को बताया कि मडलोडर ट्रैक्टर के पीछे लगने वाला यंत्र है, जो मिट्टी को काटकर सीधे ट्राली में डाल देता है।
दस मिनट में ट्राली भर जाती है। उधर, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम में किसानों को सही उत्तर देने पर पुरस्कार के रूप में खाद आदि दिया गया। इसकी शुरुआत वैज्ञानिक डा. रणधीर नायक ने किया।