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कर्ज देने से बचने के लिए गढ़ी थी लूट की कहानी

Tue, 07 Apr 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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निजामाबाद थाना क्षेत्र के रशीदगंज गांव के पास सोमवार की रात हुई लूट की घटना जांच के बाद फर्जी निकली। मामले में पीड़ित और उसके मित्र को पुलिस ने दोषी पाया। दोनों साजिशकर्ताओं को    पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार, सिर पर चढ़े कर्ज से मुक्ति पाने के लिए गिरफ्तार अरुण ने साथी से मिलकर लूट की झूठी  कहानी रची थी। एसपी ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपया पुरस्कार देने की घोषणा की।
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मंगलवार की शाम एएसपी नगर विनोद कुमार ने पुलिस लाइन परिसर में प्रेसवार्ता कर बताया कि  सोमवार की रात साढे़ आठ बजे के करीब निजामाबाद थाना क्षेत्र के जमीनकटघर गांव निवासी अरुण पांडेय ने पुलिस को सूचना दी कि बदमाशों ने रशीदगंज बाजार के पास उन पर हमला कर उसके पास मौजूद ढाई लाख रुपया लूट लिया। बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली उन्हें नहीं लगी लेकिन उनकी बाइक का टायर फट गया। थानाध्यक्ष निजामाबाद आजम अली खां मौके पर पहुंचे। एसपी के आदेश पर थानाध्यक्ष सिधारी आरपी यादव भी मामले के खुलासे में जुट गए। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि सूचना देने वाला अरुण घटना के समय अपने मित्र और होने वाले रिश्तेदार रजनीश पांडेय पुत्र राघव के साथ था। रजनीश का घर रौनापार थाना क्षेत्र के मड़हा गांव में है।
 पुलिस को यह सफलता सर्विलांस से मिली। पुलिस अरुण और उसके साथी रजनीश से अलग-अलग पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। दोनों ने लूट की योजना बनाई थी। रजनीश ने अरुण की बाइक में गोली मारी थी। पूछताछ में उजागर हुआ कि अरुण पांडेय मकान बनवाने के लिए विभिन्न लोगों से छह लाख रुपया कर्ज लिया था। इसकी वापसी का समय बढ़ाने के लिए अरुण ने होने वाले रिश्तेदार के साथ मिलकर लूट की झूठी कहानी रची थी। पुलिस घटना में प्रयुक्त बाइक और तमंचा को कब्जे में लेकर दोनों का धोखाधड़ी, पुलिस को बरगलाने और आर्म्स एक्ट की धारा में चालान किया।
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