अजमतगढ़ के एक मिष्ठान विक्रेता ने ग्राहक का छूट गया पांच हजार रुपये से भरा पर्स उसे लौटाया। पर्स पाकर ग्र्राहक ने दुकानदार का शुक्रिया अदा किया। कहा कि वाकई आज भी लोगों में ईमानदारी जिंदा है। कंधरापुर थाना क्षेत्र के लेढूपार गांव के रहने वाले अरुण कुमार छह मार्च को अजमतगढ़ क्षेत्र के कंजरा मोड़ अपनी रिश्तेदार के यहां जा रहे थे। अजमतगढ़ बाजार में मुन्ना हलवाई की दुकान से मिठाई लेकर वापस बिलरियागंज तक गए। वहां पहुंचने के बाद देेखा तो पर्स गायब था। पर्स को खोजने के लिए बिलरियागंज से कंजरा मोड़ तक आए लेकिन कहीं पर नहीं मिला। बृहस्पतिवार को पर्स अजमतगढ़ बाजार में गिरे होने की सूचना दुकानदार मुन्ना हलवाई ने दी तो वह उसकी दुकान पर पहुंचे जहां मुन्ना हलवाई ने उन्हें रुपयों भरा पर्स सौंपा तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने कहा कि वाकई आज भी लोगों में ईमानदारी जिंदा है।
मुन्ना ने बताया कि उसे पर्स में एक पर्ची मिली थी जिसमें स्टील फर्नीचर की दुकान का बिल था जिसमें दयाराम नाम के साथ मोबाइल नंबर भी लिखा था।