आजमगढ़। साल-2020 माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के लिए बेहद उतार-चढ़ाव वाला रहा। पूरे साल उपलब्धियां कम और समस्याएं ज्यादा हावी रहीं। कोरोना की दूसरी लहर से एक बार फिर पढाई व्यवस्था बेपटरी होती नजर आ रही है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखकर 11 अप्रैल 2021 तक सभी कक्षा आठ तक के विद्यालय बंद हो गए हैं। ऐसे में एक बार फिर पढ़ाई व्यवस्था सुधारने में शिक्षा विभाग जुटा हुआ है। वर्ष 2020 कोरोना संक्रमण के नाम से जाना जा रहा है। कोरोना के संक्रमण ने देश को न केवल आर्थिक क्षति पहुंचाई बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी बेपटरी कर दिया। लगातार 9 से 10 माह तक स्कूल कालेज बंद रहे। हालांकि इस दौरान कुछ शिक्षण संस्थानों को कोविड-19 की गाईडलाइन का पालन करते हुए खोले जाने की अनुमति दी। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित विद्यालयों को 11 माह बाद एक मार्च को खोला गया। एक माह तक स्कूल चले। धीरे-धीर शिक्षा व्यवस्था भी पटरी पर लौटने लगी लेकिन कुछ ही दिनों बाद कोरोना का संक्रमण फिर बढ़ने लगा। बच्चों में कोरोना का संक्रमण न बढ़े इसकेलिए शासन ने 11 अप्रैल तक कक्षा आठ तक के विद्यालयों को बंद कर दिया गया है। ऐसे में नया सत्र भी पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। शासन के निर्देश पर स्कूलों को बंद किया गया है।