आजमगढ़। एसीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय ने बृहस्पतिवार को मंडलीय अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) का निरीक्षण किया। टेलीमेडिसिन कक्ष के निरीक्षण में दो संविदा चिकित्सक अनुपस्थित मिले। इनका स्पष्टीकरण तलब करने और वेतन रोकने के निर्देश दिए। एसीएमओ ने एनआरसी में भर्ती बच्चों की संख्या, एडमिशन, डिस्चार्ज, वजन बढ़ने की स्थिति और लामा (चिकित्सकीय सलाह के विरुद्ध इलाज बीच में छोड़कर चले जाने) के मामलों की जानकारी ली। उन्होंने साल 2025 व 2026 के रजिस्टरों की जांच करते हुए दर्ज आंकड़ों और वास्तविक स्थिति का मिलान किया। निरीक्षण के समय केंद्र में चार बच्चे भर्ती पाए गए। कहा कि एनआरसी का मूल उद्देश्य गंभीर रूप से अति कुपोषित बच्चों को समुचित उपचार और पोषण देकर स्वस्थ करना है। आरबीएसके टीमों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की समय से पहचान कर उन्हें एनआरसी तक पहुंचाने में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान वहां तैनात संविदा चिकित्सक डॉ. विपुल सिंह, डॉ. स्वरूपानंद अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने दोनों चिकित्सकों से स्पष्टीकरण तलब करने और वेतन रोकने के निर्देश दिया।