जेल की मुख्य दीवार गैस पाइप के सहारे फांदकर भागने वाले तीनों बंदियों पर डीआईजी आजमगढ़ रेंज की तरफ से 12-12 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया है। साथ ही ऐलान करवाया गया है कि इन्हें पकड़वाने वालों का पता गुप्त रखा जाएगा। विधान सभा चुनाव 2017 का बिगुल बजने के साथ ही पुलिस इनके अलावा अन्य इनामी बदमाशों की तलाश तेज कर दी है।
बता दें कि गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र के महारे गांव निवासी प्रकाश मुसहर, गहमर थाने के मनिया गांव निवासी चंद्रशेखर मुसहर और नंदगंज थाना क्षेत्र के अगस्ता गांव निवासी जितेंद्र मुसहर 17 अगस्त की शाम छह बजे इटौरा मोड़ स्थित नए जेल भवन की 22 फुट ऊंची प्रधान दीवार गैस पाइप के सहारे लांघकर भाग गए। हत्या और चोरी में इन तीनों को तरवां थाने की पुलिस दो जून 2014 में गिरफ्तार किया गया था। तीनों की ड्यूटी भोजनालय में लगी थी। जेल कर्मचारियों की लापरवाही के चलते तीनों भाग गए। इनकी गिरफ्तारी के लिए तात्कालीन एसपी अजय कुमार साहनी ने अलग-अलग थानों की पांच टीमों का गठन किया था। लेकिन अभी तक एक भी बदमाश नहीं पकड़ा जा सका। डीआईजी रेंज आजमगढ़ ने इन तीनों पर 12-12 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया है। सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखने का एलान किया गया है।
दो दिन पूर्व विधान सभा चुनाव 2017 के लिए आचार संहिता घोषित होने के बाद पुलिस इन तीनों के अलावा जिले के अन्य इनामी बदमाशों की भी तलाश में जुटी है। इसमें 12 हजार के इनामी देवगांव कोतवाली के खुरसू गांव निवासी राकेश पांडेय, सिधारी थाने के टेउखर गांव निवासी अशोक यादव, तरवां थाने के तरवां सरया गांव निवासी सोनू मिश्रा, जहानागंज थाने के पाडरबोझ गांव निवासी केदार चौहान, अंबेडकर नगर जिले के जैतपुर थाने के लहिया गांव निवासी राधेश्याम यादव के अलावा पांच हजार रुपये के इनामी देवगांव कोतवाली क्षेत्र के बैरीडीह निवासी नदीम उर्फ गुड्डू, इसी थाने के कटौलीकला निवासी माजिद, चंद्रभानपुर निवासी देवनाथ तिवारी और रौनापार थाने के कोलवा निवासी धर्मेंद्र पासी का नामशामिल हैं।