अमर उजाला ब्यूरो
निजामाबाद। थाना क्षेत्र के गांव गौसपुर घूरी में सोमवार रात प्रबोधनी एकादशी पर छज्जे पर दीपक जलाने के लिए बच्चों के चढ़ने से छज्जा समेत मकान का हिस्सा नीचे आ गिरा। हादसे में मासूम बालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार दोपहर तहसीलदार मनीष कुमार के पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने बालक का अंतिम संस्कार किया।
निजामाबाद थाना क्षेत्र के गांव गौसपुर घूरी की दलित बस्ती में अच्छेलाल पुत्र हंसराज का छह माह पहले पक्का मकान बना था। अभी ढलाई नहीं हुई थी। सोमवार रात नौ बजे परिवार और पड़ोस के सात से आठ बच्चे मकान के 14 फीट लंबे छज्जे पर चढ़कर प्रबोधनी एकादशी पर दीपक जला रहे थे।
अच्छेलाल और परिवार के लोग नीचे खड़े थे। इस दौरान छज्जे के साथ मकान का हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबे के साथ छज्जे पर चढ़ा पड़ोस का आर्यन पुत्र अरुण भी नीचे आ गिरा साथ ही नीचे खड़े लोग भी मलबे की चपेट में आ गए।
शोर सुनकर मौके पर आसपास के लोग पहुंचे और घायलों को मलबे से निकाला। हादसे में आर्यन (3) पुत्र अरुण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोनू (22) पुत्र अच्छेलाल, दुर्गेश (18) पुत्र अच्छेलाल, तारा देवी (45) पत्नी अच्छेलाल गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को गंभीर हालत में शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दो कि हालत नाजुक बनी हुई है। 12 घंटे बाद भी किसी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से लोगों में आक्रोश था।
ग्रामीण और परिजन बालक के शव को घर के बाहर रखकर बैठे हुए थे। दोपहर में तहसीलदार के मौके पर पहुंचने पर बच्चे का अंतिम संस्कार किया गया।
बिजली केबल ने रोका बड़ा हादसा
निजामाबाद। गांव गौसपुर घूरी की दलित बस्ती में जहां मकान का छज्जा गिरा वहां बगल से ही बिजली की मोटी केबल जा रही थी। छज्जा गिरने के बाद मलबा बिजली के केबल पर गिरा इसके बाद जमीन पर।
यदि मलबा सीधे लोगों के ऊपर गिरा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बिजली के केबल पर मलबा अटकने से स्थिति ज्यादा भयावह होने से बच गई।
रात नौ बजे हादसा, सुबह तक नहीं पहुंचे अधिकारी
निजामाबाद। गांव गौसपुर घूरी की दलित बस्ती छज्जे के साथ मकान गिरने की घटना रात नौ बजे हुई थी। इसके बाद सुबह नौ बजे तक मौके पर कोई भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
रात में कोई लेखपाल मौके पर पहुंचा था और घटना क्रम नोट कर धीरे से लौट आया। इसे लेकर मौके पर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। मुआवजे आदि की मांग को लेकर नाराजगी थी। परिजनों ने बालक के शव का अंतिम संस्कार भी नहीं किया था। शव को घर के बाहर ही रखा गया था।
घटना की जानकारी ली गई है। मौके पर टीम भेजी गई थी। मरने वाला बालक है। वो सरकारी लाभ की श्रेणी में नहीं आता है। फिर भी देखा जा रहा है कि पीड़ित परिवार की कहां से मदद की जाए।
बागीश कुमार शुक्ला, एसडीएम