हरिऔध कला केंद्र में जन आक्रोश महिला सम्मेलन में मंत्री अनिल राजभर सहित मंच पर अन्य। संवाद
आजमगढ़। जिले के प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों के विरोध के जरिए कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने इसे विपक्ष की महिला-विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया। कहा कि नरेंद्र मोदी ने हमेशा स्पष्ट किया है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी उनका अधिकार है, कोई उपकार नहीं। जो दल इस ऐतिहासिक अवसर में बाधा बने हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
कैबिनेट मंत्री हरिऔध कला केंद्र में शुक्रवार को आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
राजभर ने अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि परिसीमन प्रक्रिया से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि सभी क्षेत्रों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल प्रक्रिया को टालने और लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष नीलम सोनकर, जिलाध्यक्ष आजमगढ़ ध्रुव सिंह, जिलाध्यक्ष लालगंज विनोद राजभर, मंजू सरोज, सीता चौहान, संचिता श्री चौहान, वंदना सिंह, विभा बर्नवाल, बबिता जसरासरिया, मिथिलेश पाण्डेय और अनीता पटेल सहित कई लोग मौजूद रहे।
सम्मेलन के बाद महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने के विरोध में कलेक्ट्रेट क्षेत्र में महिलाओं ने आक्रोश रैली निकाली। इस दौरान महिलाओं ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट चौराहे पर उनका पुतला दहन भी किया। रैली में शामिल महिलाएं हाथों में प्लेकार्ड लेकर सड़कों पर उतरीं और महिला अधिकारों पर कुठाराघात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल आने से सदन में महिलाओं की आवाज और अधिक मजबूती से उठने वाली थी, लेकिन इसे साजिश के तहत रोका गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए यह बिल बेहद जरूरी था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे पास नहीं होने दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
हरिऔध कला केंद्र में जन आक्रोश महिला सम्मेलन में मंत्री अनिल राजभर सहित मंच पर अन्य। संवाद