अहरौला। क्षेत्र के पारा गांव के निवासी मौर्य दंपत्ति जिस जमीन के टुकड़े को लेकर अपहृत हुए और यहां तक कि उनकी प्रताड़ना के बाद हत्या हो गई वह जमीन उन्हें जीते जी तो नहीं मिल पाई। लेकिन उनकी हत्या के बाद सोमवार को मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कड़े तेवर के बाद उनके जाने के ठीक आधे घंटे बाद एसडीएम फूलपुर ज्ञान चंद गुप्ता के निर्देश पर फूलपुर तहसील के नायब तहसीलदार अपने राजस्व टीम और भारी फोर्स के साथ बैनामा ली गई जमीन पर पहुंचे और वहां पर पैमाइश का काम शुरू किया गया। लगभग देर शाम तक पैमाइश का काम चलता रहा। वहीं मौर्या दंपति के परिजनों की तरफ से जमीन को घेरने के लिए ईंट, सीमेंट, गिट्टी, बालू मौके पर जुटाकर कब्जा करने की कवायद शुरू कर दी गई थी। वहीं जमीन बैनामा करने वाले परिवार के लोगों में से कोई भी दूर दूर तक मौके पर नहीं दिखा। बताते चलें कि 14 जून से एक हफ्ता पहले जमीन कब्जे को लेकर मौर्या दंपत्ति से बैनामा करने वालों से विवाद हुआ था। जिसे लेकर मौर्या दंपत्ति थाने पहुंचे थे और तत्कालीन थानाध्यक्ष उनकी बात नहीं सुने और अंतिम समय तक लापरवाही बरतते ही चले गए। थानाध्यक्ष के मामले को हल्के में लेने का नतीजा हुआ कि 14 जून को ही दंपति का अपहरण हुआ और 16 जून को हत्या कर शव अंबारी जनता इंटर कॉलेज के पास फेंक दिया गया। डिप्टी सीएम केशव मौर्या के परिवार से मिलने के बाद और कड़े तेवर के बाद बड़ी तेजी से कार्रवाई शुरू की गई है और कब्जा दिलाने में प्रशासन जुट गया।