क्षेत्र के अभयपुर गांव में शुक्रवार को जन चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा सरकरा और सपा नेताओं पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री काल में जातीय गणना करवाई होती तो आज आजमगढ़ में भी राजभर, मल्लाह, चौहान, नाई, धोबी के बच्चे सिपाही और दरोगा होते। भाजपा सरकार के द्वारा भू माफिया के नाम पर भूमिहीनों को उजाड़ा जा रहा है। जो गरीब दबे कुचले लोग 50 वर्षों से सरकारी जमीन पर झुग्गी, झोपड़ी डालकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं उन्हें उजाड़ा जा रहा है। जो भू-माफिया हैं वह खुलेआम सीना तान के घूम रहे हैं। हम दलित, दबे, कुचले और गरीब को एक नारा दे रहे हैं कि जो जमीन सरकारी है वह जमीन हमारी है। यह नारा हम लेकर आगे बढ़ेंगे और 2024 के चुनाव में हम दिल्ली में भी अपना झंडा लहराएंगे।
राजभर ने कहा कि रामगोपाल यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने जाते हैं लेकिन उनका मकसद सौ मुकदमों के आरोपी को बचाना होता है। 2013 में हाईकोर्ट के द्वारा समान शिक्षा लागू करने के लिए एक आदेश सपा सरकार को भेजा गया था कि जो पाठ्यक्रम प्राइवेट स्कूलों में है वही पाठ्यक्रम सरकारी व्यवस्था में भी लागू हो। लेकिन अखिलेश सरकार के द्वारा इसे लागू नहीं किया गया। अखिलेश बबुआ कांग्रेस को पकड़कर छोड़ दें, बुआ मायावती को पकड़कर छोड़ दें और आरएलडी को पकड़कर छोड़ दें लेकिन अगर ओमपकाश राजभर वादा खिलाफी पर छोड़ दें तो यही अखिलेश यादव सवाल करते हैं। हमारे समाज की गिनती नहीं है, नहीं तो हमारे समाज के युवा नौजवान आज रोजगार से जुड़े होते। बड़े नेताओं की जुबान पर पंडित, बाबू साहब, यादव जी और कुछ बड़ी जाति ही है हम लोगों की गिनती नहीं है। हम इस देश में है तो हमको भी हमारा हिस्सा देना होगा। जिसके लिए हम आवाज उठाते हैं और उठाते रहेंगे। चाहे बिजली बिल माफ करने के लिए गरीबों व दलितों की आवाज हम उठाते हैं।