आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बच्चों को निशुल्क पढ़ाने वाले स्कूल प्रबंधनों को शासन ने दो करोड़ 22 लाख रुपये की धनराशि आवंटित कर दी है। कुल 76 विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत नामांकित 2606 बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति की जाएगी। हालांकि अभी यह धनराशि बहुत कम है। विभाग ने स्कूलों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए धनराशि की मांग भेजी है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दुर्बल एवं मध्यम परिवार के बच्चों को आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश दिलाया जाता है। इसके तहत बच्चों को निशुल्क पढ़ाया जा रहा है। पिछले कई साल से आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति न होने से निजी स्कूलों का इस व्यवस्था से मोहभंग हो रहा था। इसके चलते आरटीई के तहत आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश कराना अधिकारियों के लिए कठिन हो गया था। दो करोड़ 22 लाख रुपये शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि जिले में पहुंचने से निजी स्कूलों ने राहत की सांस ली है। इस बार दाखिला को लेकर समस्या नहीं आएगी। उम्मीद है कि स्कूलों को बाकी की धनराशि भी जल्द मिलेगी।