अतरौलिया। थाने के पास 22 दिसंबर की तरुण सिंह की हत्या में शामिल उसके चचेरे भाई विकास सिंह और उसके मित्र अर्जुन सिंह को पुलिस ने सोमवार की अलसुबह गांव के सम्मोमाता मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान चचेरे भाई ने बताया कि वह यदि तरुण की हत्या नहीं करवाता तो तरुण उसे मार देता। इसलिए अंबेडकर नगर जिले के एक किराए के शूटर से तरुण की हत्या करवाई गई। घटना के समय विकास तरुण को गमछे से बांधकर पकड़े हुए था। पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया है और शूटर की तलाश में जुटी हुई है।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार गिरफ्तार लोगों में विकास पुरवा गांव के पूर्व प्रधान राणा प्रताप सिंह और उसका अर्जुन, रमेश सिंह का पुत्र है। यह दोनों अतरौलिया थाने से सटे पुरवा गांव के निवासी हैं।
जबकि शूटर पप्पू सिंह अंबेडकर नगर जिले के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के गुलरिहा गांव का निवासी है। एसपी ग्रामीण ने बताया कि विकास सिंह और तरुण सिंह चचेरे भाई थे। तरुण सिंह झगड़ालू किस्म का था जिसकी वजह से उसकी किसी से नहीं पटती थी।
यहां तक की शादी के दस दिन के भीतर ही उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। इसके साथ ही तरुण को शराब की लत थी। करीब एक माह पूर्व जमीन के विवाद में विकास सिंह से झगड़ाकर तरुण ने उसके स्कूल में घुसकर तोड़फोड़ की थी।
इसी घटना के बाद विकास आदि ने मिलकर तरुण को पीटा था। घटना के संबंध में तरुण ने थाने में विकास आदि के विरुद्ध रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। साथ ही विकास को जान से मारने की धमकी दे रहा था। छह दिसंबर को विकास ने थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया था।
पुलिस से गुहार लगाने के बाद भी विकास अपने चचेरे भाई तरुण से भयभीत था। इसलिए उसने पप्पू सिंह को तरुण के हत्या की सुपारी दी। 22 दिसंबर की रात नौ बजे तरुण के बाजार से घर लौटते समय गांव के पास विकास और अर्जुन ने उसे रोककर गमछे से बांधकर पकड़ लिया।
जबकि पप्पू ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना के खुलासे के लिए प्रभारी निरीक्षक महराजगंज शिशिर त्रिवेदी को लगाया गया था। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पुरवा गांव में स्थित सम्मो माता मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान इन दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि पुलिस इन दोनों का चालान कर फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।