अहरौला क्षेत्र में सैयदवारा पर रास्ते के लिए जुटे लोग।
विगत कई वर्षों से रास्ते का दंश झेल रहे इसहाकपुर ग्राम सभा के हजारों अल्पसंख्यक नेता से लेकर विधायक तक के चक्कर काट कर थक चुके थे लेकिन रास्ते के विवाद का निस्तारण नहीं हो सका। ऐसे में शुक्रवार को बसही गांव के समाजसेवी लक्ष्मी चौबे ने इसहाकपुर के सैयदवारा और मदरसा में पहुंच कर रास्ते के लिए जमीन देने का एलान किया।
बताते चले की इसहाकपुर में काफी पुरानी सैय्यद बाबा की मजार है। गुरुवार को दूर-दूर से लोग यहां पहुंचकर अपनी परेशानियों से निजात पाने की दुआ मांगते हैं। लेकिन यहां पहुंचने के नहर पर पुल और रास्ता नहीं है। वहीं पर स्थित मदरसे में जाने के लिए भी छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिसे देखते हुए समाज सेवी लक्ष्मी चौबे ने मदरसे और मजार के रास्ते के लिए अपनी जमीन देने का एलान किया।
वहीं इसहाकपुर के प्रधान अंगद चौबे ने कहा कि प्रधानी कोटे से जो भी संभव होगा मदद करूंगा। उन्होंने तत्काल चंदे के रूप में पुल निर्माण के लिए 25 हजार रुपये देने का एलान किया। लक्ष्मी चौबे के इस नेक कार्य की पूरे क्षेत्र में चर्चा है। मु. अलीरजा, सब्बीर अहमद, मु.ईसराइल, मु.अजीज, एजाज अहमद, कल्लू चौबे, चंद्रमोहन चौबे, मु.सिद्दीकी, ओमप्रकाश चौबे, घमई निषाद आदि ने लक्ष्मी चौबे के इस कार्य की प्रशंसा की है।