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शासन ने भोर में ही कराया अंतिम आरक्षण सूची का प्रकाशन

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आजमगढ़। पंचायत चुनाव के होने वाले अंतिम आरक्षण सूची में किसी प्रकार का खलल न पड़े इस बात को लेकर शासन काफी सतर्क नजर आया। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी थी। जिसे देखते हुए शासन ने शुक्रवार की भोर में ही अंतिम आरक्षण सूची का प्रकाशन करा दिया। सुबह लगभग नौ बजे राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी।
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सरकार की ओर से पहले 1995 के आधार पर पंचायत चुनाव में आरक्षण का निर्धारण करने का निर्देश दिया गया था। इस निर्देश पर जिलों ने प्रस्तावित आरक्षण सूची का प्रकाशन कर दिया। लोगों ने आपत्तियां भी दाखिल कर दी। इन आपत्तियों को निस्तारण कर जिला प्रशासन द्वारा अंतिम आरक्षण सूची के प्रकाशन की तैयारी की जा रही थी। तभी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रस्तावित आरक्षण सूची को रद्द कर दिया और शासन को 2015 के आधार पर आरक्षण का निर्धारण करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन द्वारा नई आरक्षण नीति के आधार पर प्रस्तावित आरक्षण सूची तैयार कर उसका प्रकाशन कर लोगों से आपत्तियां ले ली गई। आपत्तियों का निस्तारण कर शुक्रवार को अंतिम आरक्षण सूची का प्रकाशन होना था। लेकिन किसी ने आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिस पर शुक्रवार को ही सुनवाई थी। वहीं, शासन ने आनन फानन में शुक्रवार की भोर में ही अंतिम आरक्षण सूची का प्रकाशन करा दिया। वहीं शासन स्तर से 27 मार्च की शाम तक पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने की बात कही जा रही थी। लेकिन शुक्रवार की सुबह 10 बजे से पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव की अधिसूचना भी जारी कर दी गई। ऐसे में आपत्ति दर्ज कराने वाले लोग विकास खंड मुख्यालय या विकास भवन पहुंचे। खुद द्वारा दाखिल आपत्ति के बाद सीट का आरक्षण बदला या नहीं इसके बारे में जानकारी हासिल की।
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