कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता राजनरायन सिंह की हत्या के मुख्य शूटर शैलेष यादव उर्फ तेली से गुरुवार को सिधारी पुलिस ने आठ घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आलू के खेत में छिपाकर रखी गई घटना में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद कर ली है। शैलेष ने बताया कि राजनरायन को गोली मारने के बाद आसपास मौजूद लोग भागने लगे थे। इसका फायदा शूटरों ने भी उठाया और बड़े आराम से मौके से फरार हो गए।
बताते चलें कि 19 दिसंबर की सुबह घर से टहलने निकले राजनरायन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्नी सुधा सिंह ने पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता अंगद यादव और पट्टीदार सुनील सिंह सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया।
घटना के कुछ दिन बाद अंगद यादव ने सिधारी थाने में समर्पण कर दिया। पूछताछ के दौरान शूटरों के नाम सामने आए। तीन जनवरी को पुलिस इस घटना में शामिल एक शूटर अरुण यादव को गिरफ्तार कर ली। जबकि मुख्य शूटर शैलेष यादव उर्फ तेली ने 11 जनवरी को पुलिस को गच्चा देते हुए नाटकीय ढंग से समर्पण कर दिया।
बुधवार को कोर्ट ने सिधारी पुलिस को आठ घंटे के रिमांड पर दिया। गुरुवार सुबह आठ से चार बजे तक तेली को हिरासत में लेकर पूछताछ करती रही। एसओ सिधारी रामनरेश यादव ने बताया कि तेली की निशानदेही पर पुलिस मूसेपुर मुहल्ले में स्थित तेली के घर के पीछे आलू के खेत में छिपाकर रखी गई पिस्टल भी बरामद कर ली गई है।
एसओ ने बताया कि तेली और अरुण ने मिलकर राजनरायन को ठिकाने लगाया था। घटना से दहशत मची और लोग भागने लगे। सामान्य लोगों के साथ ये दोनों भी भाग निकले। चूंकि ये क्षेत्र के रहने वाले हैं, इसलिए कोई इन पर उस वक्त शक नहीं किया। हत्या के बाद तेली राजस्थान चला गया।
जबकि अरुण इधर-उधर घूमते हुए पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इन दोनों ने पूर्व मंत्री के एहसानों का बदला चुकाने के लिए राजनरायन सिंह की हत्या की थी। क्योंकि अंगद की छत्रछाया में ही इनकी ठेकेदारी समेत अनेक धंधे चलते थे।