आजमगढ़। शुक्रवार की सुबह से शुरू हुई बारिश शनिवार को दिन भर जारी रही। शहर के निचले इलाकों की बद हालात दो दिन की इस बारिश से बदतर हो गई। मातबरगंज, फराश टोला, प्रह्लाद नगर, परानापुर, बागेश्वर नगर, सिधारी पूर्वी, कोलबाज बहादुर, कोलघाट, हाफिजपुर, नीबी, मुुहम्मदल्ला, चंडेश्वर में चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है। लगातार 24 घंटे से जारी बारिश से सारा शहर जलमग्न हो गया है। एक पखवाड़े पहले हुई भारी बारिश से शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया था, जो अभी ठीक से निकल भी नहीं पाया था। उन इलाकों में दुश्वारी और बढ़ गई है। इन इलाकों में पहले से ही लोगों के घरों के भूतल में सीवर का पानी लगभग एक पखवारे से जमा हुआ था। अभी वह किसी तरह एकाध फुट घटा ही था कि शुक्रवार और शनिवार की बारिश ने लोगों की मुसीबतों को बढ़ा दिया। पहले से जमे सीवर के पानी में इस बारिश से भारी दुर्गंध उठना शुरू हो गया है। इन इलाकों की हालत यह है कि पूरा मार्ग पर कमर तक पानी है। लोगों को खान-पान जैसे आवश्यक सामग्रियों के लिए इसी पानी से होकर दूर की दुकानों तक जाना पड़ रहा है। आस-पास के दुकानों का सामान भी खराब हो चुका है। नालियों के पानी की बजबजाहट के बीच उठने वाले दुगंध से पानी में फंसे लोगों को भोजन आदि करना भी कठिन हो गया। पानी आदि के लिए लोगों को समीप के आरो प्लांट तक जाकर ढो-ढोकर अपने घर के लिए पानी लाना पड़ रहा है। आमजनजीवन नारकीय हो चुका है। लोग प्रशासन से लगातार अपील कर रहे है कि शीध्र ही इस पानी की निकासी कराई जाए नहीं तो क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैल जाएगी। बताते चले कि पखवारा पूर्व हुए बारिश के बाद से तमसा नदी का जलस्तर बढ़ गया था, जिसके कारण एहतियात के तौर पर बाढ़ खंड द्वारा रेगुलेटर बंद कर दिया गया। जिसके बाद से आधे शहर के सीवर का पानी कोलघाट, कोल बाजबहादुर व बागेश्वरनगर में जाकर रूक गया। जिसके कारण इन मुहल्लों में भारी जलजमाव हो गया था। वहीं शुक्रवार-शनिवार केे फिर झमाझम हुए बारिश के कारण इन इलाकों की स्थिति दयनीय हो गई।