संवाद न्यूज एजेंसी
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली यूपी-112 के तहत त्वरित नागरिक सेवाएं प्रदान करने के लिए जिले को नौ नई दोपहिया पुलिस रिस्पांस वाहन (पीआरवी) आवंटित किए गए हैं। इन वाहनों का फ्लैग ऑफ समारोह शुक्रवार को एसएसपी हेमराज मीना के निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित किया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को उनके आवंटित थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
वर्तमान में जिले में 52 चारपहिया और 17 दोपहिया पीआरवी कार्यरत हैं। नई दोपहिया पीआरवी के शामिल होने से आपातकालीन सेवाओं जैसे पुलिस सहायता, फायर सर्विस, मेडिकल सर्विस और रात सुरक्षा सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा। ये वाहन कोतवाली छह, देवगांव एक, तहबरपुर एक और अहरौला एक थाना क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि इन दोपहिया पीआरवी का उद्देश्य संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में त्वरित पुलिस पहुंच सुनिश्चित करना है, जहां चारपहिया वाहनों का आवागमन कठिन होता है। उन्होंने कहा कि यूपी-112 हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिले की 29 पुरानी चारपहिया पीआरवी को वाटर कैन वितरित किए गए हैं, ताकि कर्मचारियों को पेयजल की समस्या न हो।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया परेड और पुलिस सुविधाओं का निरीक्षण
आजमगढ़। एसएसपी हेमराज मीना ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक परेड का निरीक्षण किया। परेड में पुलिस लाइन और पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के आरक्षी, मुख्य आरक्षी, उपनिरीक्षक और निरीक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान डॉग स्क्वाड और ड्रोन कैमरा दल का भी निरीक्षण किया गया।
परेड में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, क्षेत्राधिकारी नगर गौरव शर्मा, क्षेत्राधिकारी सगड़ी शुभम तोड़ी और प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन उपस्थित रहे। परेड निरीक्षण के बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन की विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने यूपी-112 के दोपहिया और चारपहिया वाहनों का भी निरीक्षण किया और प्रभारी यूपी-112 को वाहनों में पाई गई कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही, तैनात कर्मचारियों की कार्यकुशलता और दक्षता की जांच की गई। यूपी-112 की गाड़ियों, टैबलेट और अन्य उपकरणों की साफ-सफाई व रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ वाहनों में दंगा नियंत्रण उपकरण हमेशा उपलब्ध रखने के लिए भी निर्देश दिए गए।