आजमगढ़। शासन की ओर से विकास कार्यों के क्रियान्वयन और शिकायतों के निस्तारण में आजमगढ़ फिसड्डी साबित हुआ है। विकास कार्यों में जिले को 12वीं और राजस्व में 23वीं रैंक मिली है। वहीं, खराब ट्रांसफाॅर्मर बदलने में विद्युत निगम आखिरी पायदान पर रहा जबकि आपूर्ति में 28वें स्थान पर है।
सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सही ढंग से हो और विकास कार्यों में शिथिलता न बरती जाए, इसको लेकर हर महीने शासन स्तर से हर जिले की समीक्षा की जाती है। साथ ही प्रदर्शन के आधार पर जिलों की रैकिंग तैयार की जाती है। अगस्त की रैकिंग में आजमगढ़ कई क्षेत्रों में फिसड्डी साबित हुआ है। विकास कार्यों के क्रियान्वयन में आजमगढ़ का जहां 12वीं रैंक मिली है। वहीं राजस्व के मामले में आजमगढ़ को पूरे प्रदेश में 23वां स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं दोनों की संयुक्त रैंक में आजमगढ़ 12वें स्थान पर हैं। दूसरी तरफ खराब ट्रांसफार्मरों की शिकायतों के मामले में आजमगढ़ 99.81 फीसदी शिकायतों का निस्तारण करके भी पांच सबसे खराब जिलों में शामिल हुआ है। वहीं शहरी इलाकों में निर्धारित घंटों की आपूर्ति के मामले में आजमगढ़ को प्रदेश में 28वीं रैंक मिली है। जबकि विद्युत बिलों में सुधार की प्रगति में उसे 62वीं रैंक मिली है जो गत माह 68 थी। वहीं जिले में मुख्यमंत्री आवास की निर्माण की प्रगति में निराशा मिली है। गत माह इसमें जिले की रैंकिंग 65 थी जो इस माह बढ़कर 68 हो गई। इसके साथ ही जिला खराब प्रगति वाले पांच जनपदों में शामिल हो गया।