आजमगढ़ में विवाहिता की संदिग्ध मौत मामले में दर्ज दहेज हत्या के केस में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट के निर्देश पर गुरुवार को मृतका का शव कब्र से निकलवा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मृतका के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। तहसीलदार व सीओ की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को शव निकलाने की कवायद की गई। इसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
क्या है पूरा मामला ?
सरायमीर थाना क्षेत्र के खानकाह गांव निवासिनी दीपिका (22) की आठ दिन पूर्व संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतका की मां दुर्गावती ने सरायमीर थाने में 13 अगस्त को बताया कि उसकी बेटी को दहेज के लिए ससुराल वालों ने मार डाला और शव को दफन कर अंतिम संस्कार भी कर दिया।
तहरीर के आधार पर सरायमीर थाने में पति रामभुवन, ससुर बेचू राम, सास इसरावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। दुर्गावती के अनुसार उसने अपनी बेटी की शादी बीस अक्टूबर 2021 को रामभुवन के साथ हिंदू रीति-रिवाज के साथ किया था। जिसमें चार पहिया गाड़ी, दो लाख नकद, पांच लाख का सामान आदि दहेज के रुप में दिया गया था।
इसके बाद भी ससुराल वाले उसकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। उसकी बेटी गर्भवती थी। ससुराल वालों ने बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही शव का आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया। गुरुवार को तहसीलदार राजू कुमार, सीओ गोपाल स्वरूप व सरायमीर थाना पुलिस ने कब्र खोद कर शव को निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही।