हरखूपुर में शहीद स्मृति वन में लगे र्बोड को दबंगो ने ढहाया।
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आजमगढ़। 1857 की क्रांति की 77वीं वर्षगांठ पर जनपद में शासन के निर्देश पर 62 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान डीएम की पहल पर 26 शहीदों के गांवों में स्मृति वन की स्थापना की गई। पौधरोपण के बाद उक्त भूमि को पोल लगाकर सुरक्षा के लिए घेराबंदी कर बोर्ड लगा दिया गया। लेकिन शुक्रवार को हरखुपुर में लगाया गया बोर्ड अराजकतत्वों द्वारा धराशाई कर दिया गया।
देश की सेवा में शहीद हुए जनपद के लालों को याद रखने के उद्देश्य से डीएम नागेंद्र प्रसाद सिंह ने 27 शहीदों के गांवों में उनके नाम पर शहीद वन की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही मतौलीपुर में गांधी उपवन की स्थापना भी की गई। इसी क्रम में पल्हनी विकास खंड के हरखुपुर गांव में प्रशासन की ओर से सिपाही कशरत यादव के नाम पर स्मृति वन स्थापित किया गया। इस वन में विभिन्न प्रजातियों के पाधे लगाए गए। पौधों की सुरक्षा के लिए चारो ओर पोल लगाकर उसे तारों से घेरा गया। ताकि इनकी पशुओं से सुरक्षा की जा सके। इसके बाद प्रशासन ने वहां शहीद कशरत यादव स्मृति वन के नाम का बोर्ड लगा दिया। शुक्रवार को यह बोर्ड लगाया गया और शनिवार की सुबह बोर्ड को जमीन पर धराशाई पाया गया। शुक्रवार की रात को ही किसी अराजक तत्व ने उस बोर्ड को क्षतिग्रस्त कर दिया।
अगर किसी ने ऐसा किया है तो यह गलत है। यह उस शहीद का अपमान है जिसके नाम का यह बोर्ड था। जिसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
नागेंद्र प्रसाद सिंह, डीएम।
जिस समय जमीन देखी जा रही थी उसी समय एक व्यक्ति वहां आया था और जमीन को गोबर रखने के लिए मांग रहा था। समझाने के बाद भी वह नहीं मान रहा था। ऐसा लगता है यह उसी की कारगुजारी है। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
कल्पना मिश्रा, बीडीओ