जिले में माॅल, होटल, लाज, गेस्ट हाउस, मैरेज हाल पर विकास प्राधिकरण ने शिकंजा कस दिया है। बुधवार को प्राधिकरण की सचिव ऋतु सुहास ने अन्य व्यावसायिक भवन संचालकों की मीटिंग लेकर आवासीय नक्शे को व्यावसायिक नक्शे में बदलवाने के लिए सख्त निर्देश दिए। वहीं, सिधारी स्थित होटल आकाशदीप के ध्वस्तीकरण का आदेश पारित कर दिया।
बताते चलें कि जनपद में बिना नक्शे के बने व्यावसायिक भवनों को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया था। खबर को संज्ञान में लेकर विकास प्राधिकरण की सचिव ऋतु सुहास ने अवैध भवन संचालकों पर शिकंजा कसा। इसके लिए बाकायदा सभी को एक मौका देते हुए नक्शा पास कराने के लिए कैंप लगवाया गया। प्रशासन की सख्ती का असर रहा कि परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव के महाविद्यालय को भी नक्शा पास कराना पड़ा।
अब प्राधिकरण ने नगर के मार्ट, माल, होटल, लाज, गेस्ट हाउस, मैरेज हाल संचालकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में व्यावसायिक भवनों के संचालकों की मीटिंग बुलाई गई। इसमें बहुत से लोगों ने सही नक्शा दिखाया, जबकि कइयों के पास आवासीय भवन का नक्शा मिला। सचिव ने ऐसे लोगों को रजिस्ट्रेशन के लिए 29 जुलाई को कैंप में बुलाया।
वहीं, एक पुराने प्रकरण में सिधारी क्षेत्र के मऊ रोड पर स्थित होटल आकाशदीप के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया। बताते चले कि करीब दो वर्ष पूर्व विभाग के जेई के नक्शा मांगने के बावजूद भवन स्वामी ने नक्शा उपलब्ध नहीं कराया। जेई ने भवन का चालान कर दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान भवन स्वामी मुकदमे की तारीख पर नहीं पहुंचा। इस पर उनके भवन के ध्वस्तीकरण का आदेश पारित हुआ।
बैठक के दौरान सचिव ने ध्वस्तीकरण के आदेश की कापी भवन स्वामी को दे दी। सचिव ने कहा कि 29 जुलाई केेेे कैंप के बाद अगर कोई व्यावसायिक भवन बिना नक्शे के संचालित होता पाया गया तो उसके विरुद्घ उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम 1973 की धारा 27 और 28 के तहत कार्रवाई की जाएगी।