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स्नान-पूजन कर किया दानपुण्य

Sat, 14 Jan 2017 11:14 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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मकर संक्रांति
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मकर संक्रांति का पर्व जिले भर में आस्था के साथ मनाया गया। लोगों ने आसपास स्थित नदियों, सरोवरों में स्नान करने के बाद दर्शन पूजन किया। इसके बाद लोगों ने पुण्य के लिए खिचड़ी और द्रव्य दान किया। साथ ही सुख समृद्धि की कामना की। तमसा नदी के अलावा भैरवनाथा बाबा, दत्तात्रेय धाम और दुर्वासा धाम में स्नानार्थियों ने नदियों और सरोवरों में डुबकी लगाई।
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मकर संक्रांति पर स्नान के लिए शुक्रवार की रात से ही श्रद्धालु भैरोबाबा धाम, दत्तात्रेय धाम पर डेरा जमाए हुए थे। शनिवार को सूर्योदय से पूर्व श्रद्धालुओं ने भैरोबाबा मंदिर पर स्थित सरोवर में भी स्नान किया। इसके बाद चावल और उर्द छूकर खिचड़ी की रस्म अदायगी की। शहरवासी सुबह स्नान करने के बाद नए कपड़े पहने और रस्म अदायगी करने के बाद चूड़ा, लाई, गट्टा, गुड़ आदि का सेवन किया। घरों में भी खिचड़ी बनाकर लोगों ने त्यौहार की रस्म अदायगी की।

मकर संक्रांति के दिन पर भी चौक पर खरीदारी होती रही, जबकि बहू-बेटियों के यहां भी खिचड़ी पहुंचाने का सिलसिला जारी  रहा। इस दौरान शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में चहल-पहल रही।
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अहरौला संवाददाता के अनुसार मकर संक्रांति के अवसर पर लोगों ने पवित्र दुर्वाषा धाम के तमसा-मंजूषा के संगम में डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने स्नान कर कर्क राशि से मकर राशि में प्रवेश पर सूर्यदेव को अर्घ्य देकर और ऋषि दुर्वासा का जलाभिषेक किया। दुर्वासा धाम के पुजारी श्रीराम गिरी ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन दुर्वासा धाम और तीर्थ स्थलों के संगम में स्नान का विशेष महत्व है।  

मकर संक्रांति पर आसमान को हजारों रंग-बिरंगे पतंगों ने सतरंगी कर दिया था। सुबह उठ बच्चों ने स्नान-पूजन कर पतंगबाजी का लुत्फ उठाने के लिए छतों पर पहुंच गए थे। सुहाने मौसम के बीच बच्चों ने जमकर पतंगबाजी की।

नगर में चारों और से केवल एक ही आवाज सुनाई दे रही थी और वह थी ये गया, काटा। सुबह उठाने के बाद बच्चों ने स्नान किया। पूजन के बाद बच्चों ने छतों पर पहुंच पतंगबाजी के लिए अपनी परेती में डोरियां भरी और एक साथ कई पतंगों की कन्नी बनाकर रख दिया।

उधर, बाजार में प्रतिबंध के बाद भी चाइनीज मंझों की बिक्री जारी थी। पुरानी कोतवाली, लालडिग्गी, कालीनगंज, जामा मस्जिद आदि स्थानों पर पतंग की सजी दूकानों पर पतंगों और मांझों की खरीदारी को बच्चों, युवाओं की भीड़ रही। किसी ने मिक्की माउस, छोटा भीम तो किसी ने फिल्मी हीरों की पतंगों को खरीदा।
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