12 जुलाई 2023 को उच्च न्यायालय की ओर से सूचित किया गया कि भेजी गई पत्रावली के अधिकांश दस्तावेज दीमक द्वारा क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि प्रकरण में संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जाए तथा उस समय पत्रावली के अभिरक्षक रहे अभिलेखागार के कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भूमिका की गहन विवेचना कराई जाए।
कोतवाली प्रभारी यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि जनपद न्यायाधीश के प्रशासनिक आदेश के अनुपालन में अभिलेखपाल (सिविल) नीरज कुमार गुप्त ने तहरीर दी थी। उनकी तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।